गांव झलनिया में सोमवार देर रात हुई टाइल मिस्त्री महेंद्र की हत्या के मामले में फतेहाबाद पुलिस ने पकड़े गए पांचों आरोपियों बुधवार को गांव में ले जाकर उनकी परेड करवाई। उन्हें गांव की गलियों में पैदल घुमाया गया। उनसे हत्या से पहले वह कहां बैठे और हत्या कहां की सभी जगह के निशान देही भी करवाई गई। बता दें की हत्या के बाद मामले में नामजद आरोपी रामू द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया था और कहा था कि झलनिया वाला हत्याकांड उन्होंने किया है और जो भी इस मामले में गवाही देगा, उसके साथ भी यही किया जाएगा। इस वीडियो में कुछ अन्य युवक भी दिख रहे थे। इसी दहशत को खत्म करने के लिए पुलिस द्वारा या कदम उठाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव झलनिया निवासी 40 वर्षीय महेंद्र टाइल लगाने का काम करता था। बीते 24 अगस्त की रात करीब 9 बजे जब वह काम निपटाकर अपनी बाइक से घर लौट रहा था, तब गांव में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने महेंद्र पर लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। वारदात की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस और सीआईए की टीमों ने सीन ऑफ क्राइम टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और साक्ष्य जुटाए। मृतक के भाई बुधराम के बयानों के आधार पर पुलिस ने गांव के ही देवेंद्र, दर्शन सिंह, अजय, रामू और सतीश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) (हत्या), 61 (आपराधिक षड्यंत्र) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला (अभियोग संख्या 337) दर्ज किया। शिकायत में बताया गया कि बीते होली के त्योहार पर महेंद्र का देवेंद्र के साथ विवाद हुआ था, जिसकी रंजिश रखते हुए इस वारदात को अंजाम दिया गया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने झलनिया कांड करने की बात स्वीकारते हुए बीच में बोलने वालों को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। डीएसपी के अनुसार, एफआईआर में दर्ज शिकायत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसमें नामजद आरोपियों के अलावा अन्य सह-आरोपियों की संलिप्तता भी उजागर हुई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य नामजद आरोपियों सहित वीडियो व साक्ष्यों के आधार पर पहचान किए गए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। काबू किए गए आरोपियों की पहचान रामू (निवासी झलनिया), अजय (निवासी झलनिया), रोहन (निवासी भिरडाना), गौरव उर्फ गुरप्रीत (निवासी माजरा) और शंकर के रूप में हुई है। वारदात के बाद गांव में दहशत फैलाने और सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले आरोपियों का जुलूस निकालते हुए पुलिस उन्हें गांव झलनिया लेकर पहुंची। पुलिस की टीम ने आरोपियों को उसी स्थान पर पैदल घुमाया जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की इस त्वरित व सख्त कार्रवाई से फतेहाबाद पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अपराध करके बच निकलना संभव नहीं है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है, वहीं मामले में नामजद देवेंद्र, दर्शन सिंह और सतीश की भूमिका व अन्य फरार/संलिप्त आरोपियों को लेकर जांच जारी है।