नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार की ओर से प्रोटोकॉल व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान व अधिकारों को प्राथमिकता देने की मांग की है। हुड्डा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ-साथ विधायक भी जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। ऐसे में सरकारी कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में उनके साथ तय प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में विधायकों की भूमिका और सम्मान को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है। पत्र में प्रदेश के कई विधायकों की ओर से भी इस विषय पर आपत्ति जताए जाने का उल्लेख किया गया है। विधायकों का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों में उन्हें उचित स्थान और सम्मान मिलना चाहिए। हुड्डा ने सरकार से कहा कि प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा न हो। उन्होंने कहा कि विधायक सीधे जनता से चुनकर विधानसभा में पहुंचते हैं और अपने क्षेत्रों की समस्याएं सरकार के सामने रखते हैं। इसलिए सरकारी आयोजनों में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा होना चाहिए।