महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। अगले महीने से एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं शुरू होनी हैं, लेकिन खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए अब तक पर्याप्त और बेहतर व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं।
स्टेडियम के निर्माण और जीर्णोद्धार के बाद खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, एथलेटिक्स खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिताओं से पहले अभ्यास के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अगले महीने से विभिन्न स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का दौर शुरू होने वाला है। ऐसे में खिलाड़ी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, लेकिन अभ्यास के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं होने से उनकी तैयारी प्रभावित होने की आशंका है। खिलाड़ियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का निर्माण और विकास कराया गया है तो इसका सीधा लाभ खिलाड़ियों को भी मिलना चाहिए।
खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिताओं से पहले मैदान और अभ्यास से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना जरूरी है। उनका सवाल है कि जब 16 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तो फिर खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है।