Elon Musk ने किया दावा, यूजर्स एक चिप के जरिए अपने दिमाग से कर पाएंगे म्यूजिक स्ट्रीम

अजय वर्मा
टेक डेस्क, अमर उजालाअजय वर्मा
Thu, 23 Jul 2020 12:45 PM IST
विज्ञापन
Elon Musk claims users will be able to stream music from their minds through a chip
neuralink chip - फोटो : pixabay

    टेस्ला और स्पेस-एक्स के संस्थापक एलन मस्क की न्यूरोलिंक स्टार्टअप एक खास ब्रेन चिप पर काम कर रही है, जो आने वाले समय में हेडफोन को पूरी तरह से खत्म कर देगी। इस चिप को इंसान के दिमाग में इम्प्लांट किया जाएगा। इसके जरिए लोग संगीत सुनने के साथ म्यूजिक स्ट्रीम कर सकेंगे। वहीं, मस्क ने कंप्यूटर वैज्ञानिक ऑस्टिन हॉवर्ड से ट्विटर पर बात करते हुए कहा है कि इस खास तकनीक वाली चिप के जरिए यूजर्स के दिमाग तक संगीत पहुंचेगा। साथ ही यूजर्स म्यूजिक स्ट्रीम कर सकेंगे। इसके अलावा इस चिप से यूजर्स डिप्रेशन जैसी बीमारियों से भी छुटकारा पा सकेंगे।

    अगले महीने लॉन्च हो सकती है चिप

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस खास तकनीक वाली चिप को 28 अगस्त के दिन लॉन्च किया जा सकता है। आपको बता दें कि एलन मस्क ने 2016 में न्यूरोलिंक प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इसके तहत लचीली थ्रेड बनाई गई थी, जो इंसान के बाल से 10 गुना पतली थी। वहीं, मस्क ने दावा किया था कि ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक के जरिए दिमागी बीमारियों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इसके अलावा यह तकनीक रीढ की चोट को सही करने में मददगार साबित होगी।

    विज्ञापन

    इसे भी पढ़ें: Samsung का शानदार स्मार्टफोन Galaxy A01 Core हुआ लॉन्च, मिली 3,000 एमएएच की बैटरी

    अंतिम चरण में है चिप की टेस्टिंग

    एलन मस्क ने ट्विटर पर बातचीत के दौरान कहा है कि यह चिप डिप्रेशन, अल्जाइमर और पार्किसंस जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगी। उन्होंने आगे कहा है कि चूहों और बंदरों के बाद अब इसका इंसानी टेस्ट आखिरी चरण में है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    स्मार्टफोन पर मिलेगी दिमाग की जानकारी

    न्यूरोलिंक तकनीक को इंसान के दिमाग से चिप और थ्रेड के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। यह चिप रिमूवेबल पॉड से जुड़ी होंगी, जिन्हें कान के पीछे लगाया जाएगा और यह वायरलेस कनेक्टिविटी के मध्यम से दूसरे डिवाइस से कनेक्ट होंगी। इसके जरिए यूजर्स को दिमाग की सही जानकारी सीधा उनके स्मार्टफोन पर मिलेगी।

    2017 में लॉन्च हुआ था स्टार्टअप न्यूरालिंक

    बता दें कि एलन मस्क ने साल 2017 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप 'न्यूरालिंक' लॉन्च किया था और न्यूरालिंक के तहत इस डिवाइस को तैयार किया गया है। इस तकनीक के तहत इंसान के दिमाग में N1 (चिप टाइप की एक डिवाइस) को इंप्लांट किया जाएगा। यह डिवाइस कान के पास लगाई जाएगी, जो दिमाग के अंदर फिट चिप से बिना वायर कनेक्ट होगी।

    इस डिवाइस को N1 sensor नाम के एक आईफोन एप से कंट्रोल किया जा सकेगा। कान के पास डिवाइस से एप को एक यूएसबी पोर्ट के जरिए कनेक्ट करना होगा। एन1 चिप 96 पतले तारों के जरिए डाटा ट्रांसफर करेगी। बताया जा रहा है कि प्रत्येक तार की मोटाई इंसानी बाल की मोटाई से भी कम होगी। दूसरे शब्दों में कहें, तो इस डिवाइस के आने के बाद हमारा दिमाग हमेशा कंप्यूटर से कनेक्ट रहेगा।

    लगवाग्रस्त लोगों के लिए वरदान

    यह डिवाइस उन लकवाग्रस्त लोगों के लिए वरदान साबित होगी, जो दिमागी लकवा यानी एक न्यूरोलॉजिकल यानि तंत्रिका संबंधी विकार से ग्रस्त हैं या फिर उन लोगों के लिए यह डिवाइस तोहफा साबित हो सकती है, जो मस्तिष्क के विकारों से जूझ रहे हैं। इस डिवाइस से ऐसे मरीजों के इलाज में भी आसानी होगी।

    इस डिवाइस को इस्तेमाल करने के लिए मरीज की खोपड़ी में एक 8 मिमी का एक छिद्र करना होगा, जिसमें डिवाइस को फिट किया जाएगा। फिलहाल कंपनी इस डिवाइस की टेस्टिंग चूहों पर कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह मशीन स्थिर है या नहीं। वहीं चूहों पर प्रयोग सफल होने के बाद इसे इंसानों के सिर में फिट किया जाएगा और हाई बैंडविथ से डाटा ट्रांसफर होगा।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें