स्वच्छता सर्वेक्षण: गंगा किनारे बसे शहरों में बनारस नंबर वन, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में वाराणसी को पहला स्थान मिला है। पिछले साल भी वाराणसी शीर्ष स्थान पर था। लगातार दूसरी बार यह खिताब मिलने पर काशीवासी खुशी जता रहे हैं।
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गंगा किनारे बसे शहरों में बनारस को स्वच्छता सर्वेक्षण में पहला स्थान मिला है। बनारस की इस उपलब्धि पर शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली विज्ञान भवन में नगर विकास मंत्री, मेयर और नगर आयुक्त को प्रशस्ति पत्र और ट्राफी देकर सम्मानित किया। शहरी एवं आवास विकास मंत्रालय भारत सरकार ने देश भर के 150 गंगा किनारे बसे शहरों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया था।
शनिवार को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, मेयर मृदुला जायसवाल और नगर आयुक्त प्रणय सिंह को राष्ट्रपति ने प्रथम स्थान हासिल करने पर सम्मानित किया। यह सर्वेक्षण एक लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों के लिए किया गया था।
इन बिंदुओं पर किया गया सर्वेक्षण
गंगा टाउन के लिए किए गए सर्वेक्षण में मूल रूप से घाटों के पास एवं नदी किनारे कहीं भी खुले स्थानों पर कूड़े की स्थिति, नदी में कचरा, घाट एवं उसके आसपास सफाई के लिए जागरूकता और पॉलीबैग के इस्तेमाल पर रोक के बिंदुओं को केंद्र में रखा गया था।
एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों को इस सर्वे में शामिल किया गया था। इसमें वाराणसी नगर निगम ने सभी बिंदुओं पर बेहतर कार्य किया और बनारस को प्रथम स्थान हासिल हुआ। वहीं मुंगेर को दूसरा, पटना को तीसरा, कानपुर को चौथा और हरिद्वार को पांचवां स्थान मिला है।
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पुरस्कार मिलने से गौरवान्वित हुआ बनारस
महापौर मृदुला जायसवाल ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा कि बनारस गौरवान्वित हुआ है तथा नगरवासियों के सहयोग से यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके लिए सभी नगर वासियों को बधाई है। काशी के लिए यह गौरव की बात है। महामहिम के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने के बाद यह प्रेरणा मिली है कि आगे और मेहनत से आम नागरिकों को और अधिक बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का हो रहा प्रयास
नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने बताया कि वाराणसी धार्मिक एवं पौराणिक शहर है। यहां पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शनार्थी एवं पर्यटक आते हैं। 84 गंगा घाटों पर सफाई व्यवस्था, प्रतिदिन प्रमुख घाटों पर दिन में दो बार धुलाई करना, सिल्ट का उठान, घाटों पर अलग से सफाई कर्मचारियों की तैनाती कर सफाई कराना, घाटों पर प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर आकर्षक अर्पण कलश स्थापित कराना, हाईमास्ट लाइटों से समुचित प्रकाश व्यवस्था का कार्य किया जा रहा है। नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।