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यूएस में बड़ा मुद्दा बना एच-1बी वीजा: 'भारत से सस्ते कर्मचारियों को लाना चाहते हैं मस्क', बर्नी सैंडर्स भड़के

Fri, 03 Jan 2025 02:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 03 Jan 2025 02:59 PM IST
सार

एलन मस्क एच-1बी वीजा के समर्थक हैं और उन्होंने इसका समर्थन करते हुए कहा था कि अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है और इस कमी को पूरा करने के लिए एच-1बी वीजा जरूरी है। मस्क ने कहा कि कई इंजीनियर्स इस वीजा के जरिए अमेरिका आए और उन्होंने अमेरिका के विकास में अहम योगदान दिया।

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US Senator Bernie Sanders target elon musk said H-1B visa system to hire lower-wage foreign indian workers
ट्रंप के साथ मस्क - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर बहस जारी है। ट्रंप समर्थक इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं, वहीं ट्रंप के करीबी उद्योगपति एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया है। अब इस बहस में अमेरिका के वरिष्ठ और प्रभावशाली सांसद बर्नी सैंडर्स भी शामिल हो गए हैं। बर्नी सैंडर्स ने मस्क पर आरोप लगाया है कि वह एच-1बी वीजा का समर्थन सिर्फ विदेशों से सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए कर रहे हैं। एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशों से कुशल कर्मचारियों को नौकरी पर रख सकते हैं। 
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'श्रम लागत कम करना चाहते हैं मस्क'
बर्नी सैंडर्स लंबे समय से कर्मचारियों के अधिकारों के समर्थक रहे हैं। गुरुवार को एक बयान में कहा कि एच-1बी वीजा कुशल कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए नहीं है बल्कि सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने और श्रम लागत कम करने के लिए है। बर्नी सैंडर्स ने दावा किया कि इस वीजा के जरिए अमेरिकी अरबपतियों को फायदा हो रहा है और टेस्ला जैसी कंपनियां कुशल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशों, जैसे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी दे रही हैं। बर्नी सैंडर्स ने मांग की कि एच-1बी वीजा में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि अमेरिकी कर्मचारियों को इसका नुकसान न झेलना पड़े। अमेरिकी सांसद ने कहा कि मस्क की कंपनी में बीते साल करीब साढ़े सात हजार अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया, जबकि एच-1बी वीजा धारक कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला गया।  
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एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का किया था समर्थन
गौरतलब है कि एलन मस्क एच-1बी वीजा के समर्थक हैं और उन्होंने इसका समर्थन करते हुए कहा था कि अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है और इस कमी को पूरा करने के लिए एच-1बी वीजा जरूरी है। मस्क ने कहा कि कई इंजीनियर्स इस वीजा के जरिए अमेरिका आए और उन्होंने अमेरिका के विकास में अहम योगदान दिया। मस्क के इस दावे पर भी बर्नी सैंडर्स ने पलटवार किया और कहा कि टेस्ला में कई एच-1बी वीजा धारक अकाउंटेंट और मैकेनिकल इंजीनियर हैं और ये उच्च प्रशिक्षित कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आते हैं। 
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ट्रंप समर्थक भी कर चुके हैं इसका विरोध
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ट्रंप समर्थक लॉरा लूमर और स्टीव बैनन आदि ने एच-1बी वीजा का विरोध किया था और दावा किया कि इससे अमेरिकी लोगों की नौकरियां छिन रही हैं। इस पर मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया। डोनाल्ड ट्रंप ने भी मस्क का समर्थन करते हुए एच-1बी वीजा को जारी रखने की बात कही थी।  
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