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Zelenskyy-Macron: खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? जेलेंस्की से मिलने के बाद मैक्रों बोले- यही टर्निंग पॉइंट...
Mon, 01 Dec 2025 11:04 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 01 Dec 2025 11:04 PM IST
सार
Zelenskyy-Macron Meet: पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की मुलाकात ने शांति वार्ताओं को नई दिशा दी। मैक्रों ने कहा कि जारी बातचीत यूक्रेन संघर्ष के समाधान में टर्निंग पॉइंट बन सकती है।
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जेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों
- फोटो : X- @ZelenskyyUa
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विस्तार
पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात ने यूरोप में युद्ध समाप्ति की उम्मीदों को नया आधार दिया है। मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन में शांति के लिए जारी बातचीत एक ऐसा पल है, जो आगे चलकर टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। करीब चार साल से जारी युद्ध के बीच यह कूटनीतिक गतिविधि उस दिशा में बढ़ते कदम के रूप में देखी जा रही है, जिसमें एक संभावित युद्धविराम के आधार तैयार किए जा रहे हैं।
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इन दिनों अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। जेलेंस्की की पेरिस यात्रा से पहले यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारियों ने फ्लोरिडा में बैठक की थी, जिसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘उत्पादक’ बताया। इसी बैठक के बाद अमेरिका द्वारा तैयार किए गए शांति प्रस्ताव में आवश्यक संशोधनों पर काम शुरू हुआ। इस फ्रेमवर्क पर यूरोपीय देशों ने गंभीर आपत्तियां जताई थीं, क्योंकि इसके कुछ हिस्से रूस के हित में झुकते हुए नजर आए। मैक्रों ने साफ कहा कि यूक्रेन एक संप्रभु राष्ट्र है और अपने क्षेत्रों पर उसे ही निर्णय लेना है।
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यूरोप की चिंता और अमेरिका की भूमिका
यूरोपीय देशों ने अमेरिका की शुरुआती योजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। यह योजना यूक्रेन की सेना के आकार पर सीमाएं लगाने, उसे नाटो में शामिल होने से रोकने और जमीन छोड़ने तक की शर्तें रखती थी। फ्रांस सहित कई यूरोपीय देश इसे असंतुलित मानते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस प्रस्ताव को एक ‘कॉन्सेप्ट’ बताया, जिसे भविष्य में और सुधार की जरूरत है। मैक्रों ने हाल ही में पश्चिमी देशों से यूक्रेन को “रॉक सॉलिड” सुरक्षा गारंटी देने की अपील की थी। उन्होंने ‘रीअश्योरेंस फोर्स’ की तैनाती का भी समर्थन किया था, जिसमें जमीन, समुद्र और हवा से सुरक्षा शामिल हो।
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बड़े नेताओं की भागीदारी और विस्तृत वार्ता
पेरिस में हुई बैठक अकेले मैक्रों और जेलेंस्की की बातचीत तक सीमित नहीं रही। इसमें ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, इटली, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और नीदरलैंड के नेता भी जुड़े। यूरोपीय संघ की तरफ से एंतोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन तथा नाटो प्रमुख मार्क रुटे भी चर्चाओं का हिस्सा रहे। मैक्रों और जेलेंस्की ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से भी फोन पर बात की। यह पूरा दौर दिखाता है कि यूक्रेन युद्ध समाधान अब वैश्विक राजनीतिक प्राथमिकता बन चुका है।
रूस से संदेश और बढ़ती आशंकाएं
इधर, मॉस्को की तरफ से भी संकेत मिल रहे हैं कि बातचीत के मोर्चे पर हलचल बढ़ रही है। क्रेमलिन ने पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को अमेरिकी दूत विटकॉफ़ से मुलाकात करेंगे। हालांकि, इसी बीच यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने चिंता जताई कि ऐसी अमेरिका-रूस वार्ताओं में कहीं यूक्रेन पर और दबाव न डाल दिया जाए। कालास ने चेतावनी दी कि यदि किसी देश की जमीन बलपूर्वक छीनी जाती है और इसे मान्यता मिलती है, तो यह दुनिया में खतरनाक उदाहरण साबित होगा।
मैक्रों का रूस पर सख्त संदेश
मैक्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जब दुनिया शांति पर बात कर रही है, तब भी रूस यूक्रेन पर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने दोहराया कि शांति तभी संभव है जब यह न्यायपूर्ण और टिकाऊ हो। जेलेंस्की ने भी इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन अपनी जमीन किसी हाल में नहीं छोड़ेगा। यह पूरी कूटनीतिक कवायद दिखाती है कि आने वाले हफ्तों में यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जो यूरोप और दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था पर दूरगामी असर डालेगा।
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