ताजा शोध से पता चला है कि अगर आप फल, सब्जी और चीज का नियमित सेवन करते हैं तो यह आपको एक निश्चित प्रकार के मानसिक आघात से बचा सकता है। ‘यूरोपियन हार्ट जर्नल’ में प्रकाशित इस शोध में दो प्रमुख आघातों का आहार से जुड़ाव पर अध्ययन किया गया था, जिसमें यह तथ्य उभरकर सामने आया है।
अध्ययन में नौ यूरोपीय देशों के 04 लाख 18 हजार लोगों को शामिल किया गया था। इन लोगों से उनके भोजन, जीवनशैली और चिकित्सा संबंधी जानकारियां एकत्र की गईं। फिर नतीजों में सामने आया कि जिन लोगों के आहार में फल, सब्जियां, फाइबर, दूध और चीज की मात्रा ज्यादा थी, उनमें अरक्तता (इस्कीमिक) आघात का खतरा कम था। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि ज्यादा अंडे खाने से रक्तस्रावी (हैमरेजिक ) आघात की आशंका बढ़ सकती है।
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green vegetables
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ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. टैमी टॉन्ग के मुताबिक, फाइबरयुक्त भोजन, फल-सब्जियों का सेवन और अरक्तता आघात के कम जोखिम के बीच मजबूत संबंध देखा गया है। लिहाजा, जो लोगों तय स्वास्थ्य गाइडलाइंस के हिसाब से फल-सब्जी और फाइबर वाले भोजन का कम सेवन कर रहे हैं उन्हें इसकी मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। हालांकि, आहार का रक्तस्रावी आघात से कोई खास ताल्लुक सामने नहीं आया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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10 ग्राम ज्यादा फाइबर कम कर देगा जोखिम
शोधकर्ताओं का कहना है कि रोजाना 10 ग्राम ज्यादा फाइबरयुक्त आहार खाने से अरक्तता आघात का जोखिम 23 फीसदी तक कम हो जाता है। वहीं, अंडों के 20 ग्राम अतिरिक्त सेवन से रक्तस्रावी आघात की आशंका 25 बढ़ जाती है।
हालांकि शोध में शामिल न रहे कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि भोजन के अलावा सामाजिक-आर्थिक कारक और सही जीवनशैली से भी आघात का खतरा कम होने की संभावना है। उन्होंने सिर्फ आहार के आघात से संबंध पर भविष्य में और गहन अध्ययन की जरूरत भी बताई है।