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Rishikesh: Growing resentment among protesters as demands from residents of the Bapugram area remain unaddressed.
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ऋषिकेश: बापूग्राम क्षेत्र के लोगों की मांगों को जगह नहीं मिलने से आंदोलनकारियों में बढ़ा आक्रोश
विधानसभा सत्र में बापूग्राम क्षेत्र के लोगों की मांगों को जगह नहीं मिलने से आंदोलनकारियों का आक्रोश बढ़ गया है। आईडीपीएल सिटी गेट के बाहर बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा धरना जल्द ही 300 दिन पूरे करने जा रहा है। लंबे समय से अपने हक और न्याय की मांग कर रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि अब उनकी मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को निर्णायक रूप दिया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री या क्षेत्रीय विधायक उनकी समस्याओं को सदन में उठाकर समाधान की दिशा में पहल करेंगे, लेकिन सत्र समाप्त होने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई चर्चा नहीं हुई। इससे क्षेत्रीय लोगों में भारी निराशा और नाराजगी है। उन्होंने कहा कि करीब 300 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीण लगातार अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन और इंतजार ही मिला है। जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और क्षेत्रीय विधायक के पुतले दहन किए जाएंगे। इसके बाद भी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में देरी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि न्यायालय ने मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही शुरू की थी, लेकिन लगातार तारीखें आगे बढ़ने से सुनवाई में विलंब हो रहा है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अब तक न्यायालय में अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं मिल पाया है। उन्होंने मांग की कि मामले की शीघ्र सुनवाई कर प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक क्षेत्रीय लोगों को न्याय और उनका अधिकार नहीं मिलता, तब तक धरना और संघर्ष जारी रहेगा।
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