दुर्ग जिले में लगातार हो रही बारिश अब आफत बनती जा रही है। दुर्ग की जीवनदायिनी कही जाने वाली शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।
इसी कड़ी में कुम्हारी थाना क्षेत्र के परसदा और अमलेश्वर थाना क्षेत्र के मटिया खार समेत अन्य स्थानों से करीब 160 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने गणेश विसर्जन पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।
लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। करीब 15 हजार क्यूसेक से अधिक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा गया है। मोगरा बैराज, घुमरिया नाला, सुखानाल और खाटूटोला नाला से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर और बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे और आसपास रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है।
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वहीं, खारुन नदी पर बना वह पुल, जो रायपुर और अमलेश्वर को जोड़ता है, भी उफान की स्थिति में है। इसके चलते आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। सोमदा नाला भी करीब 4 से 5 फीट ऊपर तक बह रहा है, जिससे दुर्ग से धमधा जाने वाला मार्ग बाधित हो गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शिवनाथ नदी के पुराने पुल के ऊपर से करीब 5 से 6 फीट पानी बह रहा है। इसके चलते जिला प्रशासन ने प्रस्तावित गणेश विसर्जन कार्यक्रम पर फिलहाल रोक लगा दी है। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात है। नदी का पानी कम होने और स्थिति सुरक्षित होने के बाद ही विसर्जन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
स्थिति का जायजा लेने कलेक्टर अभिजीत सिंह, अपर कलेक्टर हरवंश मिरी, एसडीएम महेश राजपूत समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिवनाथ नदी के जलस्तर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।