1965 की लड़ाई में भारतीय सेना के जवानों के हौसलों के आगे पाकिस्तान के सेना बौनी हो गयी थी। आलम ये था कि कश्मीर को हासिल करने का सपना देखने वाला पाकिस्तान खुद लाहौर और सियालकोट को खो देने की कगार पर आ गया था ।
1965 युद्ध: अगर सीजफायर न होता तो आज भारत में होते लाहौर और सियालकोट
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
Updated Tue, 19 Sep 2017 03:14 PM IST
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