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यमुनोत्री पैदल मार्ग पर ढाई घंटे जाम में फंसे रहे तीर्थयात्री
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यमुनोत्री हाईवे पर लखवाड़ बैंड के पास मलबा आने से इस तरह लगा लंबा जाम।
- फोटो : UTTER KASHI
जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भंडेलीगाड में सुरक्षित आवाजाही नहीं होने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सोमवार को यहां करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा।
यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक करीब पांच किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है। बीते माह मूसलाधार बारिश से पैदल मार्ग की ढाई किमी दूरी पर भंडेलीगाड के समीप दस मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके स्थान पर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया लेकिन यह मार्ग भी पैदल यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं है। वैकल्पिक मार्ग के बेहद संकरा होने के चलते तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, मंदिर समिति सचिव सुरेश उनियाल, मनमोहन उनियाल, अनोज उनियाल व महावीर पंवार आदि का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया है लेकिन एक महीने बाद भी दस मीटर हिस्सा तैयार नहीं किया जा रहा है।
यमुनोत्री हाईवे लखवाड़ बैंड के पास 12 घंटे रहा बंद
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे यमुना पुल जुड्डो के बीच लखवाड़ बैंड के समीप मलबा आने से करीब 12 घंटे बंद रहा। इस दौरान हाईवे पर तीन किमी लंबा जाम भी लगा। सोमवार शाम करीब चार बजे हाईवे पर आवाजाही बहाल हो पाई।
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सोमवार तड़के करीब चार बजे यमुनोत्री हाईवे लखवाड़ बैंड के पास मलबा आने से बाधित हो गया था। इससे यमुनोत्री धाम की आवाजाही के साथ यमुनाघाटी से विकासनगर, सहारनपुर आदि शहरों की मंडी भेजे जाने वाले सेब से भरे ट्रकों का आवागमन प्रभावित रहा। हाईवे पर तड़के चार बजे से फंसे बड़कोट के व्यापारी धनवीर रावत ने बताया कि हाईवे बंद होने से करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा। इस दौरान एनएच कर्मी रास्ता खोलने के लिए प्रयासरत रहे। शाम करीब चार बजे एनएच के मशीन ऑपरेटरों ने कड़ी मशक्कत से मलबा हटाया और आवाजाही सुचारु की। संवाद
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यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक करीब पांच किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है। बीते माह मूसलाधार बारिश से पैदल मार्ग की ढाई किमी दूरी पर भंडेलीगाड के समीप दस मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके स्थान पर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया लेकिन यह मार्ग भी पैदल यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं है। वैकल्पिक मार्ग के बेहद संकरा होने के चलते तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, मंदिर समिति सचिव सुरेश उनियाल, मनमोहन उनियाल, अनोज उनियाल व महावीर पंवार आदि का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया है लेकिन एक महीने बाद भी दस मीटर हिस्सा तैयार नहीं किया जा रहा है।
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यमुनोत्री हाईवे लखवाड़ बैंड के पास 12 घंटे रहा बंद
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे यमुना पुल जुड्डो के बीच लखवाड़ बैंड के समीप मलबा आने से करीब 12 घंटे बंद रहा। इस दौरान हाईवे पर तीन किमी लंबा जाम भी लगा। सोमवार शाम करीब चार बजे हाईवे पर आवाजाही बहाल हो पाई।
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सोमवार तड़के करीब चार बजे यमुनोत्री हाईवे लखवाड़ बैंड के पास मलबा आने से बाधित हो गया था। इससे यमुनोत्री धाम की आवाजाही के साथ यमुनाघाटी से विकासनगर, सहारनपुर आदि शहरों की मंडी भेजे जाने वाले सेब से भरे ट्रकों का आवागमन प्रभावित रहा। हाईवे पर तड़के चार बजे से फंसे बड़कोट के व्यापारी धनवीर रावत ने बताया कि हाईवे बंद होने से करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा। इस दौरान एनएच कर्मी रास्ता खोलने के लिए प्रयासरत रहे। शाम करीब चार बजे एनएच के मशीन ऑपरेटरों ने कड़ी मशक्कत से मलबा हटाया और आवाजाही सुचारु की। संवाद