{"_id":"5c5db601bdec220a742dadb4","slug":"15496454234-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने किया जोशियाड़ा बैराज बाईपास जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने किया जोशियाड़ा बैराज बाईपास जाम
विज्ञापन
उत्तरकाशी। जल विद्युत निगम की भूमि पर कूड़ा निस्तारण केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करने की मांग को लेकर कंसेण गांव के ग्रामीणों ने जोशियाड़ा बैराज बाईपास रोड में अनिश्चितकालीन जाम लगा दिया है। यातायात ठप होने से बड़ेथी-तेखला बाईपास रोड से आवाजाही करने वाले वाहनों को विकास भवन होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र के निर्माण के लिए प्रशासन ने कंसैण गांव के निकट स्थित जल विद्युत निगम की भूमि को चयनित किया था, जिसके लिए भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई शुरू करते हुए प्रशासन ने बीते माह उक्त स्थान पर कूड़ा भी डंप कराया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कर दी। इसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने जल विद्युत निगम की अनुमति के बिना कूड़ा डालने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही ग्रामीण जल विद्युत निगम से भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। मांग को लेकर ग्रामीण बीते 15 जनवरी से निगम के जोशियाड़ा स्थित कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरने पर डटे हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार सुबह गांव की दर्जनों महिलाओं ने जोशियाड़ा बैराज बाईपास रोड पर जाम लगाकर रास्ते से वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस बीच मार्ग का प्रयोग करने का प्रयास कर रहे कई वाहन चालकों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। यहां यातायात ठप होने पर बड़ेथी-तेखला बाईपास रोड से आवाजाही करने वाले वाहनों को विकास भवन होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विज्ञापन
प्रधान किशोर बिष्ट ने कहा कि प्रशासन द्वारा जबरन भूमि हस्तांतरित कराने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि उक्त स्थान पर कूड़ा डंपिंग जोन बनाया जा सके, लेकिन ग्रामीण किसी भी हाल में नगर का कूड़ा गांव की भूमि पर नहीं पड़ने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जल विद्युत निगम कूड़ा डंपिंग जोन व भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं करेगा ग्रामीण आंदोलन जारी रखेंगे। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य अनीता गुर्साइं, जगदंबा नौटियाल, रुकमा देवी, आशा देवी, सुलोचना देवी, मीना देवी, नारायणी देवी, पूर्णा देवी, श्यामा देवी, वीर सिंह, शूरवीर सिंह, जितेंद्र पंवार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कूड़ा निस्तारण केंद्र के निर्माण के लिए प्रशासन ने कंसैण गांव के निकट स्थित जल विद्युत निगम की भूमि को चयनित किया था, जिसके लिए भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई शुरू करते हुए प्रशासन ने बीते माह उक्त स्थान पर कूड़ा भी डंप कराया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कर दी। इसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने जल विद्युत निगम की अनुमति के बिना कूड़ा डालने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही ग्रामीण जल विद्युत निगम से भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। मांग को लेकर ग्रामीण बीते 15 जनवरी से निगम के जोशियाड़ा स्थित कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरने पर डटे हैं।
विज्ञापन
इसी क्रम में शुक्रवार सुबह गांव की दर्जनों महिलाओं ने जोशियाड़ा बैराज बाईपास रोड पर जाम लगाकर रास्ते से वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस बीच मार्ग का प्रयोग करने का प्रयास कर रहे कई वाहन चालकों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। यहां यातायात ठप होने पर बड़ेथी-तेखला बाईपास रोड से आवाजाही करने वाले वाहनों को विकास भवन होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विज्ञापन
प्रधान किशोर बिष्ट ने कहा कि प्रशासन द्वारा जबरन भूमि हस्तांतरित कराने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि उक्त स्थान पर कूड़ा डंपिंग जोन बनाया जा सके, लेकिन ग्रामीण किसी भी हाल में नगर का कूड़ा गांव की भूमि पर नहीं पड़ने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जल विद्युत निगम कूड़ा डंपिंग जोन व भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं करेगा ग्रामीण आंदोलन जारी रखेंगे। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य अनीता गुर्साइं, जगदंबा नौटियाल, रुकमा देवी, आशा देवी, सुलोचना देवी, मीना देवी, नारायणी देवी, पूर्णा देवी, श्यामा देवी, वीर सिंह, शूरवीर सिंह, जितेंद्र पंवार आदि मौजूद रहे।