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पीडीएफ को साधने के लिए लगे भाजपा नेता
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:00 AM IST
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सरकार गठन को लेकर भाजपा ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। दो दिन पहले दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की बैठक का एक दौर हो चुका है। 25 अप्रैल से शुरू हो रहा लोकसभा सत्र चिंता का विषय बना हुआ है। इसलिए पीडीएफ के विधायकों से बातचीत की जिम्मेदारी दो वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। खासतौर पर दो पूर्व मंत्रियों के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व ने पार्टी दिग्गजों को लगा दिया है।
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दो दिन पहले दिल्ली में हुई बैठक में इस बात के स्पष्ट संकेत थे कि भाजपा राज्य में सरकार गठन को प्राथमिकता देगी। पीडीएफ विधायकों से बात करने के लिए कई विंडो खोली जा चुकी है। सूत्रों की माने तो पीडीएफ के एक दो विधायकों से बात हुई है, लेकिन सरकार गठन लायक आंकड़ा पूरा करने के लिए अभी कसर बाकी है।
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सरकार बनाने के खातिर भाजपा की असल संख्या रहेगी 27
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा यह मानकर चल रही है कि भीमलाल की सदस्यता खत्म होगी या फिर वह व्हिप का उल्लंघन करेंगे। इसलिए सरकार बनाने के खातिर भाजपा की असल संख्या तो 27 ही रहेगी।
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इसलिए भाजपा को कम से कम पीडीएफ के पांच विधायक चाहिए। इनमें से हरीश दुर्गापाल और मंत्रीप्रसाद नैथानी को साधना मुश्किल लग रहा है। नैथानी सदन के भीतर हरक सिंह रावत द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से दुखी है।
हालांकि उन्हें समझाने का प्रयास होगा। फिलहाल सबकी निगाह महाराज पर है। यदि भाजपा ने सरकार बनाने की शुरुआत की और महाराज समर्थक विधायकों में से कोई नहीं आया, तो फिर कांग्रेस के भीतर महाराज कैंप को खत्म मान लिया जाएगा।