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किलपुरा रेंज में आपसी संघर्ष में टस्कर की मौत
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खटीमा। किलपुरा रेंज के जंगल में आपसी संघर्ष में एक टस्कर की मौत हो गई। हाथी का शव खून से लथपथ अवस्था में मिला। इससे वन विभाग में खलबली मच गई। टस्कर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए है। वन विभाग ने पशु चिकित्सकों के पैनल से हाथी का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पश्चिमी किलपुरा कंपार्टमेंट संख्या 16 से लगे जंगल की सीमा से लगे अंजनिया गांव के पास मंगलवार को वन कर्मी गश्त कर रहे थे। इसी बीच एक हाथी खून से लथपथ अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। टस्कर के आसपास काफी खून गिरा हुआ था। वन कर्मियों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
वन विभाग के पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रेंजर उप्रेती ने बताया कि घटनास्थल को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी की मौत आपसी संघर्ष में हुई होगी। घटनास्थल के आसपास हाथियों का संघर्ष दिखाई दे रहा है। मृत टस्कर की उम्र 10-12 वर्ष के आसपास होने का अनुमान हैं। हाथी के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। रेंजर ने बताया कि हाथी के मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
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पश्चिमी किलपुरा कंपार्टमेंट संख्या 16 से लगे जंगल की सीमा से लगे अंजनिया गांव के पास मंगलवार को वन कर्मी गश्त कर रहे थे। इसी बीच एक हाथी खून से लथपथ अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। टस्कर के आसपास काफी खून गिरा हुआ था। वन कर्मियों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
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वन विभाग के पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रेंजर उप्रेती ने बताया कि घटनास्थल को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी की मौत आपसी संघर्ष में हुई होगी। घटनास्थल के आसपास हाथियों का संघर्ष दिखाई दे रहा है। मृत टस्कर की उम्र 10-12 वर्ष के आसपास होने का अनुमान हैं। हाथी के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। रेंजर ने बताया कि हाथी के मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
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