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Udham Singh Nagar News: धर्मांतरण प्रकरण में एसएसपी ने की एसआईटी गठित
Tue, 12 May 2026 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 12 May 2026 01:06 AM IST
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रुद्रपुर। जिले में दबाव, डर और लालच देकर धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसएसपी ने एसआईटी का गठन किया है। खटीमा, नानकमत्ता कोतवाली में तीन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में हाल ही में धर्मांतरण से जुड़े तीन मामले सामने आए हैं। पहले मामले में रामपाल ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रोपती राणा और पास्टर सुनील जार्ज ने प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया था। आरोप है कि बीमारी ठीक करने और आर्थिक सहायता का लालच देकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया।
दूसरे मामले में सोहन सिंह ने कोतवाली नानकमत्ता में शिकायत दी कि गौरी सिंह और उसके साथी गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं। धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये देने के साथ परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
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तीसरे मामले में अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पास्टर दान सिंह राणा थारू समाज के लोगों को गुमराह कर हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने और झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था।
तीनों मामलों में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी कर ली गई है और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी करेंगे।
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एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में हाल ही में धर्मांतरण से जुड़े तीन मामले सामने आए हैं। पहले मामले में रामपाल ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रोपती राणा और पास्टर सुनील जार्ज ने प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया था। आरोप है कि बीमारी ठीक करने और आर्थिक सहायता का लालच देकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया।
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दूसरे मामले में सोहन सिंह ने कोतवाली नानकमत्ता में शिकायत दी कि गौरी सिंह और उसके साथी गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं। धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये देने के साथ परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
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तीसरे मामले में अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पास्टर दान सिंह राणा थारू समाज के लोगों को गुमराह कर हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने और झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था।
तीनों मामलों में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी कर ली गई है और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी करेंगे।