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Udham Singh Nagar News: कृषि में स्नातक के पाठ्यक्रम खोलेंगे रोजगार की राह
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agriculture college
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पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में कृषि स्नातक पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। इसमें पादप आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन, मृदा विज्ञान, शस्य विज्ञान, उद्यान विज्ञान, पादप रोग विज्ञान पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों की अवधि चार साल की है।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एसके कश्यप ने बताया कि कृषि में उच्च शिक्षा प्रदान करने व देश को उत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ देने में पिछले 62 वर्षों से इस कृषि महाविद्यालय का अतुलनीय योगदान रहा है। वर्ष 1960 में स्थापित कृषि शिक्षा के इस केंद्र से पढ़कर निकले 10 हजार से भी अधिक कृषि स्नातक देश व दुनिया में महत्वपूर्ण संस्थानों में शीर्षस्थ पदों पर हैं।
50 फीसदी अंक लाने पर मिलता है प्रवेश
पंतनगर। कृषि महाविद्यालय में कृषि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से 12वीं की परीक्षा कृषि या विज्ञान वर्ग (गणित या जीव विज्ञान) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक (सामान्य श्रेणी) या 47.5 प्रतिशत अंक (आरक्षित श्रेणी) से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
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15 अप्रैल तक भर सकते हैं फाॅर्म
प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को पंतनगर विवि की प्रवेश परीक्षा देनी होती है। वर्ष 2023 की ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तिथि एक मार्च से 15 अप्रैल तक है तथा प्रवेश परीक्षा की तिथि चार जून निर्धारित है। अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के बाद प्रवेश दिया जाता है। आवेदन फॉर्म तथा आवेदन संबंधी सभी जानकारियां पंतनगर विवि की वेबसाइट www.gbpuat.ac.in पर उपलब्ध है। संवाद
पाठ्यक्रम की विशेषताएं
पंतनगर। कृषि स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्ष का होता है। इसमें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए छात्रों को छह महीने का एक्सपेरिएंशियल लर्निंग एक्सपोजर, छह महीने का आरएडब्ल्यूई (रावे), एक वर्ष का प्रैक्टिकल क्रॉप प्रोडक्शन और एक वर्ष की हाइड्रोपॉनिक तथा प्लांट प्रोपोगेशन ट्रेनिंग प्रदान की जाती है। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र कृषि विज्ञान, कृषि व्यवसाय और कृषि अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों में उच्च डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
यहां हैं रोजगार के अवसर
छात्रों को अनेक सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों जैसे कृषि प्रसार एजेंसियों, अनुसंधान और विकास संस्थानों, कृषि इनपुट और आउटपुट उद्योगों सहित एनजीओ में रोजगार व कृषि व्यवसाय में उद्यमिता के अवसर मिलते हैं।
कोर्स का कुल शुल्क
कृषि स्नातक के चार वर्ष के पाठ्यक्रम का कुल खर्च लगभग साढ़े तीन से चार लाख रुपये आता है। इसमें शिक्षण शुल्क, रहने-खाने व पुस्तकों आदि सभी का खर्च शामिल है।
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महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एसके कश्यप ने बताया कि कृषि में उच्च शिक्षा प्रदान करने व देश को उत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ देने में पिछले 62 वर्षों से इस कृषि महाविद्यालय का अतुलनीय योगदान रहा है। वर्ष 1960 में स्थापित कृषि शिक्षा के इस केंद्र से पढ़कर निकले 10 हजार से भी अधिक कृषि स्नातक देश व दुनिया में महत्वपूर्ण संस्थानों में शीर्षस्थ पदों पर हैं।
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50 फीसदी अंक लाने पर मिलता है प्रवेश
पंतनगर। कृषि महाविद्यालय में कृषि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से 12वीं की परीक्षा कृषि या विज्ञान वर्ग (गणित या जीव विज्ञान) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक (सामान्य श्रेणी) या 47.5 प्रतिशत अंक (आरक्षित श्रेणी) से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
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15 अप्रैल तक भर सकते हैं फाॅर्म
प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को पंतनगर विवि की प्रवेश परीक्षा देनी होती है। वर्ष 2023 की ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तिथि एक मार्च से 15 अप्रैल तक है तथा प्रवेश परीक्षा की तिथि चार जून निर्धारित है। अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के बाद प्रवेश दिया जाता है। आवेदन फॉर्म तथा आवेदन संबंधी सभी जानकारियां पंतनगर विवि की वेबसाइट www.gbpuat.ac.in पर उपलब्ध है। संवाद
पाठ्यक्रम की विशेषताएं
पंतनगर। कृषि स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्ष का होता है। इसमें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए छात्रों को छह महीने का एक्सपेरिएंशियल लर्निंग एक्सपोजर, छह महीने का आरएडब्ल्यूई (रावे), एक वर्ष का प्रैक्टिकल क्रॉप प्रोडक्शन और एक वर्ष की हाइड्रोपॉनिक तथा प्लांट प्रोपोगेशन ट्रेनिंग प्रदान की जाती है। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र कृषि विज्ञान, कृषि व्यवसाय और कृषि अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों में उच्च डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
यहां हैं रोजगार के अवसर
छात्रों को अनेक सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों जैसे कृषि प्रसार एजेंसियों, अनुसंधान और विकास संस्थानों, कृषि इनपुट और आउटपुट उद्योगों सहित एनजीओ में रोजगार व कृषि व्यवसाय में उद्यमिता के अवसर मिलते हैं।
कोर्स का कुल शुल्क
कृषि स्नातक के चार वर्ष के पाठ्यक्रम का कुल खर्च लगभग साढ़े तीन से चार लाख रुपये आता है। इसमें शिक्षण शुल्क, रहने-खाने व पुस्तकों आदि सभी का खर्च शामिल है।