फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Pantnagar News: Spring season will not come this time due to the effect of El Nino in uttarakhand

Weather: अलनीनो के प्रभाव से इस बार नहीं आएगी बसंत ऋतु, सर्दी के दिनों में आएगी कमी, इस दिन से बढ़ेगा तापमान

Wed, 24 Jan 2024 04:24 PM IST
हीरा मेहरा सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद
सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 24 Jan 2024 04:24 PM IST
सार

उत्तराखंड में अलनीनो प्रभाव से ठंड के दिनों में कमी आएगी और 10 फरवरी से एकाएक तापमान बढ़ने लगेगा जिससे ठंडी और गर्मी के बीच 15-20 दिन रहने वाली बसंत ऋतु भी गायब हो जाएगी। इस बार गर्मी भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।

विज्ञापन
Pantnagar News: Spring season will not come this time due to the effect of El Nino in uttarakhand
बसंत ऋतु - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलनीनो प्रभाव के चलते बारिश न होने से तराई में पड़ रही सूखी ठंड के बीच शीतलहर ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
विज्ञापन


जीबी पंत कृषि विवि के मौसम विशेषज्ञ डाॅ. आरके सिंह ने बताया कि अलनीनो प्रभाव से ठंड के दिनों में कमी आएगी और 10 फरवरी से एकाएक तापमान बढ़ने लगेगा जिससे ठंडी और गर्मी के बीच 15-20 दिन रहने वाली बसंत ऋतु भी गायब हो जाएगी। इस बार गर्मी भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि शीतलहर से अभी एक सप्ताह तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अभी 15 दिनों तक भीषण ठंड रहेगी। हालांकि इस बीच कभी-कभी धूप भी देखने को मिल सकती है। इस दौरान बारिश भी नहीं होगी और न्यूनतम तापमान 1-2 डिग्री और अधिकतम 10-15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। डाॅ. सिंह ने बताया कि बताया कि अलनीनो प्रभाव के चलते इस बार सर्दी के मौसम में बारिश लगभग नहीं के बराबर हुई है, जिसका असर फसलों सहित मौसम पर भी पड़ना निश्चित है।
विज्ञापन


ये पढ़ें- Uttarakhand: तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने ट्रक को मारी जोरदार टक्कर, बिछी लाशें; परिवार कर रहा इस बात से इंकार
विज्ञापन
विज्ञापन

मानसून का प्रभाव
डाॅ. आरके सिंह ने बताया कि मानसून केवल भारत में होने वाली भौगोलिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि यह हिंद महासागर और यहां तक कि प्रशांत महासागर की गतिविधियों से भी प्रभावित होता है। प्रशांत महासागर में अलनीनो मानसून को प्रभावित करता है। पश्चिम से चलने वाली हवाएं भारत के उत्तर और उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश का माहौल बनाती हैं जिससे हिमालय में बर्फबारी होती है और उससे ठंडी हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को ठंडा करने लगती हैं।

क्या है अलनीनो: अलनीनो एक स्पेनिश शब्द है, जिसे दक्षिण अमेरिका के मछुआरों ने दिया है। इस प्रभाव की वजह से हवाएं कमजोर हो जाती हैं और गर्म पानी अमेरिकी महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों की ओर जाने लगता है। इससे प्रशांत महासागर में चलने वाली हवाएं दक्षिण की ओर जाने लगती हैं। इससे दक्षिणी प्रशांत महासागर के तटीय इलाकों का समुद्री पानी गर्म हो जाता है। अलनीनो का असर प्रत्येक दो से सात साल में होता हैै। अलनीनो की वजह से इस बार उत्तरी गोलार्द्ध में भीषण गर्मी पड़ी थी, लेकिन भारत में इसका असर नहीं दिखाई दिया क्योंकि इसने जुलाई के महीने में अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed