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Udham Singh Nagar News: चेक बाउंस के दोषी को एक वर्ष का कठोर कारावास
Wed, 25 Feb 2026 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:36 AM IST
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रुद्रपुर। द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने चेक बाउंस के दोषी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शारदा एनक्लेव निवासी हरवीर सिंह खाड़ा ने न्यायालय में दायर किए वाद में कहा था कि अक्तूबर 2015 में सीएनजी किट लगाने के दौरान उसकी मुलाकात हरीश चंद्र सिंह निवासी जसोला विहार नई दिल्ली से हुई। बातचीत के दौरान हरीश ने बताया कि उसका भाई कजाकिस्तान में है और वह चाइना किट का धंधा करता है। प्रस्ताव रखा कि यदि दोनों मिलकर काम करें तो कारोबार में बढ़ोतरी होगी।
अभियुक्त ने उसे एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने और प्रतिदिन पांच लीटर पेट्रोल देने का वादा किया। इसका लिखित समझौतानामा बनवाया गया। याचिकाकर्ता ने कड़ी मेहनत कर अभियुक्त का कारोबार आगे बढ़ाया। बाद में पता चला कि अभियुक्त ने तेज इंजीनियरिंग डिवीजन की आड़ में दूसरी फर्म बनाई थी। जिसमें हरवीर को पार्टनर दर्शाया गया। तरह-तरह का बहाना बनाकर अभियुक्त ने पीड़ित से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। समझौता के अनुसार 18.78 लाख रुपये बकाया हो चुका था। जब रकम मांगी तो अभियुक्त ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन इंदु शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चेक बाउंस के दोषी हरीश चंद्र सिंह को एक वर्ष का कठोर कारावास और 17.50 लाख रुपये अर्थदंड देने की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शारदा एनक्लेव निवासी हरवीर सिंह खाड़ा ने न्यायालय में दायर किए वाद में कहा था कि अक्तूबर 2015 में सीएनजी किट लगाने के दौरान उसकी मुलाकात हरीश चंद्र सिंह निवासी जसोला विहार नई दिल्ली से हुई। बातचीत के दौरान हरीश ने बताया कि उसका भाई कजाकिस्तान में है और वह चाइना किट का धंधा करता है। प्रस्ताव रखा कि यदि दोनों मिलकर काम करें तो कारोबार में बढ़ोतरी होगी।
अभियुक्त ने उसे एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने और प्रतिदिन पांच लीटर पेट्रोल देने का वादा किया। इसका लिखित समझौतानामा बनवाया गया। याचिकाकर्ता ने कड़ी मेहनत कर अभियुक्त का कारोबार आगे बढ़ाया। बाद में पता चला कि अभियुक्त ने तेज इंजीनियरिंग डिवीजन की आड़ में दूसरी फर्म बनाई थी। जिसमें हरवीर को पार्टनर दर्शाया गया। तरह-तरह का बहाना बनाकर अभियुक्त ने पीड़ित से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। समझौता के अनुसार 18.78 लाख रुपये बकाया हो चुका था। जब रकम मांगी तो अभियुक्त ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
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द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन इंदु शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चेक बाउंस के दोषी हरीश चंद्र सिंह को एक वर्ष का कठोर कारावास और 17.50 लाख रुपये अर्थदंड देने की सजा सुनाई।
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