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कुंडा कांड की जांच के लिए एसआइटी गठित
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काशीपुर। जसपुर के ज्येष्ठ उपप्रमुख और भाजपा नेता गुरताज सिंह की पत्नी गुरजीत कौर की हत्या के केस में विवेचना के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसमें एसपी, सीओ काशीपुर के साथ छह दरोगाओं और सिपाहियों को शामिल किया गया है।
गुरताज ने 12 अक्तूबर को कुंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शाम करीब साढ़े छह बजे दो गाड़ियों से 10-12 लोग उनके घर पहुंचे। उनमें से कई व्यक्तियों के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। आते ही गालियां देते हुए बोले कि वे ठाकुरद्वारा पुलिस के लोग हैं। उन्हें एक आदमी की तलाश है। इस पर उसने कहा कि अगर आप लोग पुलिस कर्मी हो तो कुंडा थाने की पुलिस को बुलाकर तलाशी ले लो।
रिपोर्ट में कहा गया कि ज्येष्ठ उपप्रमुख के रूप में परिचय देने पर भी वे उनके साथ गालीगलौज कर जबरन दोमंजिले घर के कमरों में घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। सीने में गोली लगने से उसकी पत्नी गुरजीत की मृत्यु हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग वहां आ गए। लोगों ने उनमें से चार व्यक्तियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिस व्यक्ति ने उसकी पत्नी को गोली मारी थी, छीनाझपटी में उसकी पिस्टल भी मौके पर गिर गई।
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पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया था। मामले की विवेचना काशीपुर कोतवाल मनोज रतूड़ी को सौंपी गई थी। वादी पक्ष की और से केस की सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि इस केस की विवेचना के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसमें एसपी काशीपुर चंद्रमोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, जसपुर कोतवाल प्रेम सिंह दानू, एसओजी प्रभारी विजेंद्र शाह, कुंडा के एसओ दिनेश फर्त्याल, एसओजी प्रभारी काशीपुर ललित बिष्ट, एसआई मनोहर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश सिंह देव के अलावा नौ सिपाहियों को शामिल किया गया है।
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गुरताज ने 12 अक्तूबर को कुंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शाम करीब साढ़े छह बजे दो गाड़ियों से 10-12 लोग उनके घर पहुंचे। उनमें से कई व्यक्तियों के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। आते ही गालियां देते हुए बोले कि वे ठाकुरद्वारा पुलिस के लोग हैं। उन्हें एक आदमी की तलाश है। इस पर उसने कहा कि अगर आप लोग पुलिस कर्मी हो तो कुंडा थाने की पुलिस को बुलाकर तलाशी ले लो।
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रिपोर्ट में कहा गया कि ज्येष्ठ उपप्रमुख के रूप में परिचय देने पर भी वे उनके साथ गालीगलौज कर जबरन दोमंजिले घर के कमरों में घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। सीने में गोली लगने से उसकी पत्नी गुरजीत की मृत्यु हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग वहां आ गए। लोगों ने उनमें से चार व्यक्तियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिस व्यक्ति ने उसकी पत्नी को गोली मारी थी, छीनाझपटी में उसकी पिस्टल भी मौके पर गिर गई।
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पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया था। मामले की विवेचना काशीपुर कोतवाल मनोज रतूड़ी को सौंपी गई थी। वादी पक्ष की और से केस की सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि इस केस की विवेचना के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसमें एसपी काशीपुर चंद्रमोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, जसपुर कोतवाल प्रेम सिंह दानू, एसओजी प्रभारी विजेंद्र शाह, कुंडा के एसओ दिनेश फर्त्याल, एसओजी प्रभारी काशीपुर ललित बिष्ट, एसआई मनोहर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश सिंह देव के अलावा नौ सिपाहियों को शामिल किया गया है।