एबुलेंस के नाम पर लूट: मरीजों से 1600 की जगह वसूला जा रहा 3500 रुपये किराया, सरकारी दरें 20 रुपये प्रति किमी
रुद्रपुर जिला अस्पताल में एंबुलेंस चालक मरीजों के परिजनों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। रुद्रपुर से बरेली मेडिकल कॉलेज तक (83 किमी) की दूरी के लिए सरकारी दर के अनुसार 1660 रुपये किराया बनता है, लेकिन एंबुलेंस संचालक 3500 रुपये तक वसूल रहे हैं।
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रुद्रपुर जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों की जेब पर एंबुलेंस चालक डाका डाल रहे हैं। मरीज के रेफर होते ही बाहर खड़ी निजी और सरकारी एंबुलेंस वाले तीमारदारों की मजबूरी का सौदा करने को आतुर मिलते हैं। रुद्रपुर से बरेली राममूर्ति मेडिकल कॉलेज तक 83 किलोमीटर के लिए 3500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि सरकारी तय दर 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से यह रकम 1660 रुपये ही बनती है।
यही हाल हल्द्वानी रूट का भी है। जिला अस्पताल से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल तक करीब 25 किलोमीटर की दूरी का किराया 500 रुपये बनता है। यहां के लिए जिला अस्पताल के एंबुलेंस चालक 1000 रुपये और निजी एंबुलेंस चालक 1500 रुपये एक तरफ का लेने के साथ वापसी का किराया भी जोड़ देते हैं। तीमारदारों को कहा जाता है कि गाड़ी खाली वापस आएगी, इसलिए दोनों तरफ का किराया लगेगा।
अमर उजाला ने तीमारदार बनकर पड़ताल की तो लूट का सच सामने आ गया। अस्पताल गेट पर खड़े एंबुलेंस चालकों ने बरेली के लिए 3500 तो किसी ने 4000 रुपये किराया बताया। सरकारी रेट की बात करने पर कोई डीजल महंगा बता रहा था तो किसी ने बरेली से वापसी नहीं मिलने के बहाने बनाने शुरू कर दिए। जिला अस्पताल से रोजाना चार से पांच मरीज बरेली राममूर्ति और हल्द्वानी रेफर होते हैं। 108 एंबुलेंस समय पर नहीं मिलने पर लोगों को निजी एंबुलेंस लेनी पड़ती है। रात के समय तो किराया 5000 तक पहुंच जाता है।
पीड़ितों का दर्द
केस-1
एक सप्ताह पहले भाई का एक्सीडेंट हुआ। हम जिला अस्पताल में पहुंचे थे। यहां डॉक्टर न होने पर हल्द्वानी रेफर किया गया। प्राइवेट एंबुलेंस चालक ने 2200 रुपये किराया लिया। -रीता सिन्हा, तीमारदार।
केस-2
सीने में दर्द की शिकायत पर मेरे पति अस्पताल आए थे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने को कहा। जब बरेली राममूर्ति ले गए तो निजी एंबुलेंस में 3500 रुपये किराया दिया। -मुस्कान, तीमारदार।
सरकारी और निजी दोनों एंबुलेंस का किराया तय है। सरकारी एंबुलेंस में अधिक किराया वसूला जा रहा है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एसके गोस्वामी, सीएमओ।
एंबुलेंस सरकारी हो या प्राइवेट दोनों के सरकारी रेट तय किए गए हैं। एंबुलेंस चालक दोगुना किराया वसूल रहे हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मनमाना किराया लेने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाएंगे। -मोहित कोठारी, एआरटीओ।