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स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ राय की प्रतिमा का अनावरण
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रुद्रपुर में मटकोटा मोड़ पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय की प्रतिमा का अनावरण करते मु
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ राय की प्रतिमा का रविवार को विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर रामपाल सिंह और उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार ने अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वतंत्रता सेनानियों को फोन कर बधाई दी।
शहीद भगत सिंह दल के सदस्य एवं सांसद रहे स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ राय की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में सौ साल से अधिक उम्र के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्ण सिंह, सेवा सिंह व दर्शन सिंह को मुख्य अतिथियों ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विधायक ठुकराल ने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी में राय की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा मटकोटा मोड़ में औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थापित की गई है। कर्नल प्रमोद शर्मा ने कहा कि उनके पिता विश्वनाथ राय का जन्म 10 दिसंबर 1906 में हुआ था।
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वर्ष 1932 में विधि की शिक्षा पूरी कर भगत सिंह के दल में शामिल हुए। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह में भाग लिया। उनको ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर आठ वर्षों तक विभिन्न जेलों में कैद कर यातनाएं दीं।
आजाद भारत में वह वर्ष 1952 से 1977 तक वे लगातार सांसद चुने गए। 27 अगस्त 1984 को उनका स्वर्गवास हुआ। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, जेबी सिंह, अजय तिवारी, अंकुर राय, गुलाब सिंह सिरोही, राजेश प्रताप, अनिल शर्मा आदि थे।
श्रम रोजगार एवं पुनर्वास मंत्री रहे विश्वनाथ राय
रुद्रपुर। श्रम रोजगार एवं पुनर्वास मंत्री रहे विश्वनाथ राय ने बाजपुर और किच्छा चीनी मिल के विकास और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के लिए विशेष पैकेज के लिए निरंतर प्रयास किए। इसके साथ ही पंतनगर के हवाई अड्डे के लिए कई प्रयास किए। काठगोदाम-बरेली रेल लाइन के लिए भी उन्होंने काफी प्रयास किए थे।
उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंच शिक्षा मंत्री
रुद्रपुर। देहरादून में होने के कारण प्रतिमा के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अरविंद पांडेय नहीं पहुंच पाए। उनके स्थान पर विधायक राजकुमार ठुकराल सहित अन्य लोगों ने प्रतिमा का अनावरण किया। (संवाद)
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शहीद भगत सिंह दल के सदस्य एवं सांसद रहे स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ राय की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में सौ साल से अधिक उम्र के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्ण सिंह, सेवा सिंह व दर्शन सिंह को मुख्य अतिथियों ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विधायक ठुकराल ने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि देश की आजादी में राय की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा मटकोटा मोड़ में औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थापित की गई है। कर्नल प्रमोद शर्मा ने कहा कि उनके पिता विश्वनाथ राय का जन्म 10 दिसंबर 1906 में हुआ था।
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वर्ष 1932 में विधि की शिक्षा पूरी कर भगत सिंह के दल में शामिल हुए। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह में भाग लिया। उनको ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर आठ वर्षों तक विभिन्न जेलों में कैद कर यातनाएं दीं।
आजाद भारत में वह वर्ष 1952 से 1977 तक वे लगातार सांसद चुने गए। 27 अगस्त 1984 को उनका स्वर्गवास हुआ। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, जेबी सिंह, अजय तिवारी, अंकुर राय, गुलाब सिंह सिरोही, राजेश प्रताप, अनिल शर्मा आदि थे।
श्रम रोजगार एवं पुनर्वास मंत्री रहे विश्वनाथ राय
रुद्रपुर। श्रम रोजगार एवं पुनर्वास मंत्री रहे विश्वनाथ राय ने बाजपुर और किच्छा चीनी मिल के विकास और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के लिए विशेष पैकेज के लिए निरंतर प्रयास किए। इसके साथ ही पंतनगर के हवाई अड्डे के लिए कई प्रयास किए। काठगोदाम-बरेली रेल लाइन के लिए भी उन्होंने काफी प्रयास किए थे।
उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंच शिक्षा मंत्री
रुद्रपुर। देहरादून में होने के कारण प्रतिमा के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अरविंद पांडेय नहीं पहुंच पाए। उनके स्थान पर विधायक राजकुमार ठुकराल सहित अन्य लोगों ने प्रतिमा का अनावरण किया। (संवाद)