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नोटिस नहीं अब फैक्ट्रियों में पहुंचेगा बंदी का आदेश
कुंदन बिष्ट/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:32 AM IST
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ऊधमसिंह नगर में डेढ़ सौ से अधिक फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना संचालित हो रही हैं। नोटिस देने के दो साल बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन ने अनुमति नहीं ली है। अब बोर्ड नोटिस भेजने के बजाय ऐसी कंपनियों को सीधे बंदी के आदेश देने जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों को बिना अनुमति चल रहीं फैक्ट्रियों को चिन्हित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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दरअसल, उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य है। बीते कुछ साल से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस मामले में सख्ती बरती गई है। एनजीटी के निर्देश पर जिला ऊधमसिंह नगर में कई फैक्ट्रियों को वर्ष 2015 में नोटिस भेजकर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेने को कहा गया। करीब एक दर्जन फैक्ट्री ने अनुमति ले ली, लेकिन 150 से अधिक फैक्ट्रियों ने दो साल बीत जाने के बाद भी अनुमति लेने की जहमत नहीं उठाई।
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एक बार फिर एनजीटी ने अनुमति नहीं लेने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़ा रूख अपनाया है। इस पर अनुमति नहीं लेने वाले उद्योगों को चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे बंद करने के आदेश दिए जाएंगे। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय से क्षेत्रीय कार्यालयों को बिना अनुमति लिए चल रहे उद्योगों का सर्वे कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। ताकि इन्हें बंद करने के आदेश जारी हो सकें।
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तीन श्रेणियों में होता है आवेदन
जिले में 1125 उद्योग हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। सबसे कम प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को ग्रीन श्रेणी में रखा गया है, जबकि उससे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को ऑरेंज और सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को रेड श्रेणी में रखा गया है। ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को 15 साल, ऑरेंज के उद्योगों को पांच साल जबकि रेड श्रेणी के उद्योगों को एक साल की अनुमति दी जाती है। एक बार अनुमति लेने के बाद फैक्ट्री को निर्धारित समयावधि पर नवीनीकरण कराना होता है।
करीब 150 से अधिक उद्योगों ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से उद्योग चलाने के लिए अनुमति नहीं ली है। वर्ष 2015 में इन्हें नोटिस भेजकर अनुमति लेने को कहा गया था, लेकिन इन उद्योगों ने अनुमति नहीं ली है। एनजीटी के निर्देशों के बाद अब इन उद्योगों का सर्वे कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। इस बार रिमाइंडर न देकर सीधे बंदी के आदेश दिए जाएंगे। 11 अगस्त से सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- एसपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।