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बस की टक्कर से बाइक सवार किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो काश्ाीपुर।
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:12 AM IST
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नैनीताल जा रही प्राइवेट बस की टक्कर से बाइक सवार एक किशोर की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। लेकिन, मृतक के परिजनों ने मुआवजा देने की मांग करते हुए शव घर के बाहर रख दिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शाम चार बजे पुलिस के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने। दिनभर के घटनाक्रम में गुस्साए मृतक के परिजनों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
प्रतापपुर निवासी शंकर (16) पुत्र स्व. नरेश कुमार सोमवार सुबह करीब छह बजे बाइक से रामनगर की ओर से जा रहा था। रास्ते में गोशाला मोड़ से कुछ आगे काशीपुर से नैनीताल जा रही प्राइवेट बस संख्या (यूके 04 पीए 0269) ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में शंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शंकर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में चीख पुकार मच गई। परिजनों के साथ ही गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे और मुआवजा देने की मांग को लेकर शव घर के बाहर रख दिया। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे एसएसआई राजेश यादव ने कई घंटों तक मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार कराने के लिए मनाया, लेकिन परिजन शाम चार बजे तक मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे। इस दौरान ग्राम गोपीपुरा के प्रधान बबलू चौधरी और प्रतापपुर के प्रधान भी परिजनों को समझाते रहे। शाम करीब चार बजे पुलिस अधिकारियों ने उचित मुआवजा दिलाने और बस चालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिस पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए। देर शाम को शंकर की अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान बीच-बीच में गुस्साए परिजनों की ओर से एनएच पर जाम लगाने का प्रयास करने पर पुलिस की उनसे नोकझोंक भी हुई। घटना बड़ी न हो इसलिए पुलिस ने एहतयातन पीएसी भी बुला ली थी। वहां पर एसआई जयपाल सिंह, खुशवंत सिंह, दिनेश बल्लभ, विजय सिंह, रवीना सिदौंला, मंजू पवार आदि थे।
प्रतापपुर चौकी पुलिस पर मृतक से वसूली कराने का आरोप
शंकर की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भाइयों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। मृतक के भाई सेवाराम और प्रमोद ने बताया कि शंकर पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उसने दो वर्ष पहले नवीं तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। करीब छह माह से वह प्रतापपुर चौकी में रहकर रात-दिन पुलिस के लिए काम कर रहा था। आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी उससे वसूली का काम भी कराते थे। परिवार के लोगों ने कई बार उससे काम के लिए मना किया, लेकिन पुलिस उसे नहीं छोड़ती थी। मृतक के भाई प्रमोद ने बताया कि सोमवार सुबह शंकर एक सिपाही की बाइक लेकर रामनगर की तरफ जा रहा था कि यह हादसा हो गया। प्रमोद ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुुलिस ने सबसे पहले बाइक से पुलिस विभाग का लोगो हटा दिया। उन्होंने जिस पुलिस कर्मी की बाइक थी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। सेवाराम ने बताया कि उनके पिता की भी एक वर्ष पहले एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। वह पांचों भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।
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मृतक शंकर के पिता ग्राम चौकीदार थे। इसलिए शंकर भी चौकी पर आया जाया करता था। सोमवार की सुबह वह बाइक लेकर गया था। वापस लौटते समय बस से टकरा गया। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं उसे लिखित में देंगे तो उसकी निष्पक्ष जांच कर ऊचित कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश भट्ट, सीओ, काशीपुर।
प्रतापपुर निवासी शंकर (16) पुत्र स्व. नरेश कुमार सोमवार सुबह करीब छह बजे बाइक से रामनगर की ओर से जा रहा था। रास्ते में गोशाला मोड़ से कुछ आगे काशीपुर से नैनीताल जा रही प्राइवेट बस संख्या (यूके 04 पीए 0269) ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में शंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शंकर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में चीख पुकार मच गई। परिजनों के साथ ही गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे और मुआवजा देने की मांग को लेकर शव घर के बाहर रख दिया। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे एसएसआई राजेश यादव ने कई घंटों तक मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार कराने के लिए मनाया, लेकिन परिजन शाम चार बजे तक मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे। इस दौरान ग्राम गोपीपुरा के प्रधान बबलू चौधरी और प्रतापपुर के प्रधान भी परिजनों को समझाते रहे। शाम करीब चार बजे पुलिस अधिकारियों ने उचित मुआवजा दिलाने और बस चालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिस पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए। देर शाम को शंकर की अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान बीच-बीच में गुस्साए परिजनों की ओर से एनएच पर जाम लगाने का प्रयास करने पर पुलिस की उनसे नोकझोंक भी हुई। घटना बड़ी न हो इसलिए पुलिस ने एहतयातन पीएसी भी बुला ली थी। वहां पर एसआई जयपाल सिंह, खुशवंत सिंह, दिनेश बल्लभ, विजय सिंह, रवीना सिदौंला, मंजू पवार आदि थे।
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प्रतापपुर चौकी पुलिस पर मृतक से वसूली कराने का आरोप
शंकर की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भाइयों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। मृतक के भाई सेवाराम और प्रमोद ने बताया कि शंकर पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उसने दो वर्ष पहले नवीं तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। करीब छह माह से वह प्रतापपुर चौकी में रहकर रात-दिन पुलिस के लिए काम कर रहा था। आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी उससे वसूली का काम भी कराते थे। परिवार के लोगों ने कई बार उससे काम के लिए मना किया, लेकिन पुलिस उसे नहीं छोड़ती थी। मृतक के भाई प्रमोद ने बताया कि सोमवार सुबह शंकर एक सिपाही की बाइक लेकर रामनगर की तरफ जा रहा था कि यह हादसा हो गया। प्रमोद ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुुलिस ने सबसे पहले बाइक से पुलिस विभाग का लोगो हटा दिया। उन्होंने जिस पुलिस कर्मी की बाइक थी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। सेवाराम ने बताया कि उनके पिता की भी एक वर्ष पहले एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। वह पांचों भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।
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मृतक शंकर के पिता ग्राम चौकीदार थे। इसलिए शंकर भी चौकी पर आया जाया करता था। सोमवार की सुबह वह बाइक लेकर गया था। वापस लौटते समय बस से टकरा गया। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं उसे लिखित में देंगे तो उसकी निष्पक्ष जांच कर ऊचित कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश भट्ट, सीओ, काशीपुर।