चकरपुर के जंगलों से हटाया अतिक्रमण
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वन विभाग बनबसा कंपार्टमेंट नंबर पांच के डेढ़ सौ हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो उसे महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गई तो पुलिस और वन विभाग ने बल प्रयोग करके महिलाओं को वहां से हटाया। इस दौरान चार महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर महिलाओं पर बल प्रयोग करने को लेकर एसडीओ वन बाबूलाल ने सफाई दी है कि महिलाएं जेसीबी मशीन के आगे लेट गई थी। उन्हें वहां से हटाया गया है इससे ज्यादा कुछ नहीं किया गया। वन विभाग ने नाली खोदकर जंगल की हदबंदी कर दी है।
उपखंड अधिकारी बाबू लाल के नेतृत्व में चकरपुर क्षेत्र के जंगलों में किया गया अतिक्रमण हटाया गया। डेढ़ सौ वन कर्मियों, पुलिस कर्मियों के साथ की गई इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी मच गई। टीम में खटीमा, किलपुरा, बाराकोली, रनसाली, जौलासाल, सुरई के वन कर्मियों के अलावा वन सुरक्षा दल भी था। वन कर्मियों ने तीन ट्रैक्टर हैरो और तीन जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर की जा रही खेती नष्ट की। इस दौरान टीम को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। इस पर पुलिस और वन विभाग ने बल प्रयोग कर महिलाओं को मौके से हटाया। इन महिलाओं में पानू देवी व गोमती देवी को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुन्नी देवी व हरुदेवी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
महिलाएं जेसीबी मशीन के आगे लेट गई थी। उन्हें वहां से हटाया गया है इससे ज्यादा कुछ नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अभी 150 हेक्टेयर वन भूमि की फसल नष्ट की गई है। अभी 100 हेक्टेयर का अतिक्रमण हटाया जाना बाकी है, जिसे जल्द ही हटाया जाएगा।
-बाबूलाल, एसडीओ वन
कांग्रेस ने बताया पक्षपात पूर्ण कार्रवाई
युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने नागरिक अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना। कापड़ी ने कहा कि वन विभाग ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। एक ओर बीस साल से बसे लोगों को हटाया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा के लोग वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। कापड़ी ने कहा कि भाजपा नेताओं की शह पर वन विभाग पक्षपात कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी एसडीओ वन से वार्ता हुई है।
12 से अधिक परिवार हुए प्रभावित
वन विभाग की इस कार्रवाई में 12 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। शारदा नहर किनारे रह रहे दानीराम ने बताया कि उसके झाले के पास से नाला खोदकर सारी फसल नष्ट कर दी गयी है। प्रभावित काश्तकारों का आरोप है कि वन विभाग ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। पीड़ित ग्रामीणों में लक्ष्मी पाठक, द्रोपदी देवी, लीला देवी, आनंदी देवी, दीपा देवी, जसूली देवी, ममता देवी, हीरा देवी, पार्वती देवी, लक्ष्मी देवी, खीम सिंह, रामचंद्र, रामदेव, राजेंद्र, राधा देवी, सुनीता देवी, पार्वती देवी आदि हैं।