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पेड़ कटे पता नहीं चला, अब गिल्टे रख तस्करों का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:51 AM IST
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- फोटो : demo
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज के जंगलों में घुसपैठ कर तस्करों ने खैर के पेड़ों पर आरी चला दी। सूत्रों के मुताबिक एक हफ्ते के भीतर करीब आधा दर्जन से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। इधर, रेंजर ने एक खैर का पेड़ काटे जाने और पांच गिल्टे बरामद होने की बात स्वीकारी है।
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टांडा रेंज के धीमरी ब्लॉक के प्लॉट संख्या चार में तस्करों ने आधा दर्जन से खैर के पेड़ों को काटा है। तस्कर काटे गए पेड़ों के गिल्टे बनाकर ले जा चुके हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद रेंज स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। काटे गए एक पेड़ के गिल्टों को मौके पर रखकर वनकर्मी रतजगा कर रहे हैं, ताकि गिल्टों को लेने के लालच में आए तस्करों को पकड़ा जा सके।
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इधर, जब रेंजर भूपाल सिंह मेहता से काटे गए पेड़ों की जानकारी ली गई तो पहले उन्होंने पेड़ कटने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। लेकिन, फिर खैर का एक पेड़ कटने की पुष्टि करते हुए कहा कि पेड़ को काटकर बनाए गए पांच गिल्टों को कब्जे में लिया गया है। पेड़ काटने के मामले में अज्ञात के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया जा रहा है। जल्द ही पेड़ काटने वाले का पता लगा लिया जाएगा। इस संबंध में डीएफओ से संपर्क नहीं हो सका है।
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वनकर्मियों से दो कदम आगे निकले तस्कर
रुद्रपुर में तीन दिन पहले वनकर्मियों की चौकसी को धता बताकर तस्करों ने धीमरी ब्लाक में खैर के पेड़ों पर आरी चला दी थी। इसकी भनक लगने पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो आरोपी जा चुके थे।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक वनकर्मियों ने गिल्टों को वहीं रहने दिया और तस्करों के आने की आस में रातभर जागते रहे। हालांकि तस्कर भी वनकर्मियों पर नजर बनाए हुए थे। तड़के तीन बजे जब वनकर्मी वहां से निकले तो तस्कर वहां पहुंचकर गिल्टे लेकर चलते बने। सुबह जब दोबारा वनकर्मी मौके पर आए तो गिल्टे गायब देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।