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कारखाने से 32 लाख की नगदी गायब
ब्यूरो, अमर उजाला, खटीमा
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:28 PM IST
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खटीमा फाइबर्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरसी रस्तोगी ने बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक पर कारखाने और आवास से करोड़ों का सामान गायब होने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। जिसमें आवास से कर्मचारियों के वेतन 32 लाख रुपए की नगदी, दो मोबाइल, कैमरा और तीन सूटकेस में रखे कपड़े शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि कारखाने से पांच क्विंटल तांबे की प्लेटें, दो कंप्यूटर सिस्टम, दो विद्युत मोटरें और कई टूल बाक्स भी चोरी हो गए हैं।
पुलिस को सौंपी तहरीर में सीएमडी रस्तोगी ने कहा है कि 20 अप्रैल को बीओबी और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रशासनिक मदद से प्रबंधन, कर्मचारी और श्रमिकों को कारखाने से खदेड़ दिया था और तालाबंदी कर दी थी। यह भी कहा है कि कारखाने के मुख्य द्वार पर ताले लगे थे जबकि कारखाना और आवासों में न तो ताले थे और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम थे। तहरीर में बताया है कि 27 अप्रैल को जब डीएम के आदेश पर कारखाना खोला गया तो वह कारखाने को चालू कराने में जुट गए और देर रात्रि आवास पर आकर सो गए। यह भी बताया है कि मंगलवार सुबह जब वह ड्रेसिंग रूम में कपड़े लेने गए तो देखा कि वहां रखे तीन सूटकेस गायब हैं, जिसके एक सूटकेस में पर्स और कर्मचारियों के वेतन वितरण के लिए रखे 32 लाख रुपए, दूसरे में दो मोबाइल, एक कैमरा और तीसरे में कपड़े थे। इतना ही नहीं कक्ष से हीरे की अंगूठी, पुखराज के नग की अंगूठी और एक म्यूजिक सिस्टम भी गायब है। जबकि कारखाने से पांच क्विंटल तांबे की प्लेटें, दो विद्युत विभाग के कंप्यूटर सिस्टम, दो मोटरें, एक टूल बाक्स भी गायब है। पीड़ित ने आवास और कारखाने से गायब हुई नगदी और सामान के लिए बीओबी और आईसीआईसीआई को ठहराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बैंक के अधिकारियों को भी तहरीर की छाया प्रति भेज दी है। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
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पुलिस को सौंपी तहरीर में सीएमडी रस्तोगी ने कहा है कि 20 अप्रैल को बीओबी और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रशासनिक मदद से प्रबंधन, कर्मचारी और श्रमिकों को कारखाने से खदेड़ दिया था और तालाबंदी कर दी थी। यह भी कहा है कि कारखाने के मुख्य द्वार पर ताले लगे थे जबकि कारखाना और आवासों में न तो ताले थे और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम थे। तहरीर में बताया है कि 27 अप्रैल को जब डीएम के आदेश पर कारखाना खोला गया तो वह कारखाने को चालू कराने में जुट गए और देर रात्रि आवास पर आकर सो गए। यह भी बताया है कि मंगलवार सुबह जब वह ड्रेसिंग रूम में कपड़े लेने गए तो देखा कि वहां रखे तीन सूटकेस गायब हैं, जिसके एक सूटकेस में पर्स और कर्मचारियों के वेतन वितरण के लिए रखे 32 लाख रुपए, दूसरे में दो मोबाइल, एक कैमरा और तीसरे में कपड़े थे। इतना ही नहीं कक्ष से हीरे की अंगूठी, पुखराज के नग की अंगूठी और एक म्यूजिक सिस्टम भी गायब है। जबकि कारखाने से पांच क्विंटल तांबे की प्लेटें, दो विद्युत विभाग के कंप्यूटर सिस्टम, दो मोटरें, एक टूल बाक्स भी गायब है। पीड़ित ने आवास और कारखाने से गायब हुई नगदी और सामान के लिए बीओबी और आईसीआईसीआई को ठहराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बैंक के अधिकारियों को भी तहरीर की छाया प्रति भेज दी है। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
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