फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Brothers' suspicion brought justice, killer husband to life imprisonment

भाई के शक ने दिलाया न्याय, हत्यारे पति को उम्रकैद 

Fri, 17 May 2019 12:20 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
अमर उजाला ब्यूरो  Published by: अरुण कुमार Updated Fri, 17 May 2019 12:20 AM IST
विज्ञापन
Brothers' suspicion brought justice, killer husband to life imprisonment
Decision of court - फोटो : amar ujala

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अलावा साक्ष्य छिपाने के आरोप में अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। बता दें कि मृतका के भाई को बहन की सामान्य मौत का शक होने पर उसका शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम और विसरा जांच कराई गई थी, जिससे हत्यारे का सच सामने आ सका। 

विज्ञापन


मोहल्ला कानूनगोयान निवासी नसीम की पुत्री शाहीन का विवाह 12 वर्ष पहले अल्ली खां करबला कॉलोनी निवासी हाशिम उर्फ भूरा से हुआ था। तीन जुलाई 2017 को हाशिम की कार दड़ियाल रोड पर लोहिया पुल के पास कथित रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। परिजन वहां पहुंचें तो कार में सवार हाशिम और पत्नी शाहीन घायल अवस्था में थे। कार में उनका अबोध पुत्र हमजा भी था।
विज्ञापन


परिजनों ने दंपति को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शाहीन को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शाहीन की मौत सड़क हादसे में होना मानते शव सुपुर्देखाक कर दिया। बाद में शक होने पर मृतका के भाई अफजल ने कोतवाल से मिलकर बहन की मौत को संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। अफजल की शिकायत पर पुलिस ने एसडीएम से अनुमति लेकर शाहीन का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शाहीन की मौत 36 से 72 घंटे पहले होने की बात सामने आई है, जबकि दुघर्टना 18 घंटे पूर्व की बताई गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने अफजल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी हाशिम को गिरफ्तार कर लिया था। मृतका की विसरा रिपोर्ट में उसकी मौत जहर के चलते होना सामने आई। अभियोग पत्र दायर होने पर इस वाद का सत्र परीक्षण प्रथम एडीजे न्यायालय में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचना अधिकारी कोतवाल चंचल शर्मा, वादी अफजल अली, जाकिर अली, डॉ. खेमपाल और विद्याता शर्मा आदि को परीक्षित कराया गया।


अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता संतोष नकवी ने की। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने पर प्रथम एडीजे प्रीतू शर्मा ने आरोपी हाशिम को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने हत्या की धारा में आरोपी हाशिम उर्फ भूरा को आजीवन कारावास और 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य छिपाने की धारा 201 के तहत तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed