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मुकदमे की जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:58 PM IST
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रुद्रपुर। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा के बाद वन क्षेत्राधिकारी पद पर चयनित अभ्यर्थी के लिए प्रमाणीकरण प्रपत्र में मुकदमे का विवरण नहीं देना गले की फांस बन सकता है। अभ्यर्थी के खिलाफ हुई शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक देहरादून ने अभ्यर्थी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अभ्यर्थी का नाम रेंजर के लिए होने वाले प्रशिक्षण में नहीं भेजा गया है।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित वन क्षेत्राधिकारी परीक्षा-2015 का परिणाम बीते अगस्त में जारी हुआ था। परीक्षा में चयनित हुए अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। परीक्षा में वार्ड नंबर आठ निवासी गंगासरन का भी चयन हुआ था, लेकिन बीते 30 नवंबर को बरेली निवासी एक व्यक्ति ने उत्तराखंड शासन में शिकायत की थी कि गंगासरन के खिलाफ बरेली के प्रेमनगर थाने में वर्ष 2013 में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला हाइकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। इसको लेकर प्रमुख वन संरक्षक मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबंधन मोनिष मल्लिक ने गंगासरन को नोटिस जारी किया है। इसमें शिकायती पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि परीक्षा के प्रमाणीकरण प्रपत्र में वास्तविक तथ्यों को छिपाया गया है। इस संबंध में स्पष्ट आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराएं। नोटिस की प्रतिलिपि सचिव, वन एवं पर्यावरण अनुभाग को भेजी गई है। इसमें शिकायती पत्र में लिखे तथ्यों का हवाला देते हुए गंगासरन का नाम निदेशक, वन शिक्षा निदेशालय न्यू फॉरेस्ट देहरादून को प्रशिक्षण के लिए अग्रसारित नहीं करने की बात कही गई है। मामले में प्रमुख वन संरक्षक से संपर्क नहीं हो पाया है।
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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित वन क्षेत्राधिकारी परीक्षा-2015 का परिणाम बीते अगस्त में जारी हुआ था। परीक्षा में चयनित हुए अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। परीक्षा में वार्ड नंबर आठ निवासी गंगासरन का भी चयन हुआ था, लेकिन बीते 30 नवंबर को बरेली निवासी एक व्यक्ति ने उत्तराखंड शासन में शिकायत की थी कि गंगासरन के खिलाफ बरेली के प्रेमनगर थाने में वर्ष 2013 में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला हाइकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। इसको लेकर प्रमुख वन संरक्षक मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबंधन मोनिष मल्लिक ने गंगासरन को नोटिस जारी किया है। इसमें शिकायती पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि परीक्षा के प्रमाणीकरण प्रपत्र में वास्तविक तथ्यों को छिपाया गया है। इस संबंध में स्पष्ट आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराएं। नोटिस की प्रतिलिपि सचिव, वन एवं पर्यावरण अनुभाग को भेजी गई है। इसमें शिकायती पत्र में लिखे तथ्यों का हवाला देते हुए गंगासरन का नाम निदेशक, वन शिक्षा निदेशालय न्यू फॉरेस्ट देहरादून को प्रशिक्षण के लिए अग्रसारित नहीं करने की बात कही गई है। मामले में प्रमुख वन संरक्षक से संपर्क नहीं हो पाया है।
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