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कांस्टेबल को गोली लगने के मामले में तीन पीएसी कर्मियों से पूछताछ
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:50 AM IST
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रुद्रपुर। पीएसी 46वीं वाहिनी के गेट नंबर तीन पर संतरी ड्यूटी में तैनात पीएसी कांस्टेबल के अपनी ही सरकारी एसएलआर से निकली गोली से घायल होने के मामले की जांच के लिए मंगलवार को जांच अधिकारी ने 46वीं वाहिनी के ही तीन पीएसी कर्मियों से पूछताछ की। तीनों पीएसी कर्मी घटना के समय कांस्टेबल के साथ ड्यूटी में ही तैनात थे।
पीएसी 46वीं वाहिनी पीएसी में कांस्टेबल पद पर तैनात अखिलेश जोशी (34) पुुत्र प्रेम चंद्र जोशी रविवार सुबह पीएसी के गेट नंबर तीन में सुरक्षा के लिए संतरी ड्यूटी में तैनात था। सुबह करीब नौ बजे गारद में शामिल एक हवलदार और दो कांस्टेबल गेट के पास बने कमरे में थे जबकि अखिलेश सरकारी एसएलआर लेकर गेट के ही पास बने गार्ड रूम में ड्यूटी कर रहा था।
इस दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर कमरे में मौजूद पीएसी कर्मी गार्ड रूम में आये जहां अखिलेश लहूलुहान हालत में पड़ा था। अखिलेश को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सोमवार को 46वीं वाहिनी के सेनानायक सुनील कुमार मीणा द्वारा सहायक सेनानायक देवी दत्त चौसाली को मामले की जांच सौंपी गई। मंगलवार को जांच अधिकारी ने घटना के समय अखिलेश के साथ ड्यूटी में तैनात हवलदार और दो कांस्टेबल से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये।
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पीएसी 46वीं वाहिनी पीएसी में कांस्टेबल पद पर तैनात अखिलेश जोशी (34) पुुत्र प्रेम चंद्र जोशी रविवार सुबह पीएसी के गेट नंबर तीन में सुरक्षा के लिए संतरी ड्यूटी में तैनात था। सुबह करीब नौ बजे गारद में शामिल एक हवलदार और दो कांस्टेबल गेट के पास बने कमरे में थे जबकि अखिलेश सरकारी एसएलआर लेकर गेट के ही पास बने गार्ड रूम में ड्यूटी कर रहा था।
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इस दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर कमरे में मौजूद पीएसी कर्मी गार्ड रूम में आये जहां अखिलेश लहूलुहान हालत में पड़ा था। अखिलेश को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सोमवार को 46वीं वाहिनी के सेनानायक सुनील कुमार मीणा द्वारा सहायक सेनानायक देवी दत्त चौसाली को मामले की जांच सौंपी गई। मंगलवार को जांच अधिकारी ने घटना के समय अखिलेश के साथ ड्यूटी में तैनात हवलदार और दो कांस्टेबल से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये।