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दूसरे दिन भी धरने पर डटी रहीं
नरेंद्रनगर/ नई टिहरी।
Updated Fri, 15 Jul 2016 10:15 PM IST
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नई टिहरी। नियत वेतनमान देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों ने 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वह 2005 से निरंतर दूर-दराज क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के लिए कार्य करती आ रही हैं। बावजूद सरकार उन्हें तय मानदेय देने की मांग पर कोई अमल नहीं कर रही है। इससे आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। कलेक्ट्रेट में दूसरे दिन भी धरने पर डटी रही आशाओं ने कहा कि नियत वेतन देने की मांग पर सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो उन्हें अपना आंदोलन जारी रखने को मजबूर होना पड़ेगा। धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष आशा भट्ट, सावित्री पुंडीर, सुषमा रावत, ममता पुंडीर, उषा नेगी, तुलसी बिष्ट, सुनीता राणा,आशा सजवाण, मंजू राणा, रेशमा देवी, पूर्णा देवी, मकानी देवी, रीता, मधु रमोला, कुसुम और गीता नेगी आदि शामिल थीं। ब्यूरो
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वह 2005 से निरंतर दूर-दराज क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के लिए कार्य करती आ रही हैं। बावजूद सरकार उन्हें तय मानदेय देने की मांग पर कोई अमल नहीं कर रही है। इससे आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। कलेक्ट्रेट में दूसरे दिन भी धरने पर डटी रही आशाओं ने कहा कि नियत वेतन देने की मांग पर सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो उन्हें अपना आंदोलन जारी रखने को मजबूर होना पड़ेगा। धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष आशा भट्ट, सावित्री पुंडीर, सुषमा रावत, ममता पुंडीर, उषा नेगी, तुलसी बिष्ट, सुनीता राणा,आशा सजवाण, मंजू राणा, रेशमा देवी, पूर्णा देवी, मकानी देवी, रीता, मधु रमोला, कुसुम और गीता नेगी आदि शामिल थीं। ब्यूरो