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रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस एप्लीकेशन में नहीं दिख रही छात्रों की रुचि
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार (श्रीनगर)
Updated Thu, 12 May 2016 08:58 PM IST
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गढ़वाल विश्वविद्यालय
- फोटो : file photo
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एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि में रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस एप्लीकेशन जैसा महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित होने के बावजूद छात्र-छात्राएं रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आठ वर्षों में सिर्फ 18 छात्र-छात्राओं ने इस विषय से एमएससी की है। मौजूदा समय में यहां से उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
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गढ़वाल विवि में आठ वर्षों से एमएससी रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस एप्लीकेशन (सुदूर संवेदन और भौगोलिक सूचना प्रणाली) पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। देश के अन्य विवि में भी यह पाठ्यक्रम संचालित होता है। कुछ निजी संस्थान में इस विषय में एमएससी करवा रहे हैं। इसके लिए छात्र-छात्राएं काफी भारी शुल्क चुकाते हैं।
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इसके उलट गढ़वाल विवि में बहुत ही कम फीस में एमएससी करवाई जा रही है। यहां प्रति सेमेस्टर 20 हजार रुपये शुल्क निर्धारित हैं। शत प्रतिशत रोजगार देने और बहुत कम फीस होने के बावजूद इस पाठ्यक्रम की ओर छात्र-छात्राओं की बेरुखी बनी हुई है।
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खास बात यह है कि यहां से पढ़ चुके या पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में 70 फीसदी से ऊपर उत्तराखंड से बाहर के हैं। विभाग के समन्वय प्रो. यशपाल सुंद्रियाल बताते हैं कि बीएससी में यह पाठ्यक्रम नहीं होने और प्रचार प्रसार न होने से ज्यादातर छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। जबकि वर्तमान में इसमेें रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। सरकारी व गैर सरकारी संस्थान और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में एमएससी डिग्रीधारक को आसानी से रोजगार मिल जाता है।
काम का है यह पाठ्यक्रम
श्रीनगर। मौजूदा समय में पूरा विश्व पर्यावरणीय असंतुलन, ग्लोबल वार्मिंग, प्राकृतिक आपदा जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके अलावा कई शोध संस्थान भूविज्ञान, भूगोल और पर्यावरण जैसे विषयों पर शोध कर रहे हैं। ऐसे में पाठ्यक्रम की उपयोगिता बढ़ जाती है। यहां जीआईएस, जीपीएस, नेवीगेशन, आपदा, मौसम परिवर्तन, पारिस्थितिकी विज्ञान और वनों के बारे में पढ़ाया जाता है।
ऐसे करें आवेदन
किसी भी विषय से बीएससी कर चुके छात्र-छात्राएं एमएससी में दाखिले के लिए 18 मई तक ऑन/ऑफ लाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए विवि की ओर से परीक्षा की जाएगी। 20 मई से अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र विवि की इंट्रेस वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। पाठ्यक्रम में 10 सीट निर्धारित हैं।