टीएचडीसी हाईड्रोपॉवर इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार से रोबोटिक्स एवं एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) पर पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कंप्यूटर साइंस सहित विभिन्न स्ट्रीम के छात्र-छात्राओं ने विषय विशेषज्ञों से रोबोटिक्स और एआई की बारीकियों की जानकारी ली। बताया गया कि रोबोटिक्स में भविष्य बनाने की अपार संभावना है। रोबोट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स में तो सारी तैयारियां रोबोट ही कर रहे हैं।
शुक्रवार को हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज में कार्यशाला का शुभारंभ वेब गेक्स कंपनी के निदेशक व सीईओ सुमित रंजन ने किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धि है। कंप्यूटर विज्ञान में कृत्रिम बुद्धि के शोध को उत्कृष्ट अध्ययन माना जाता है। उन्होंने कहा कि मानव सोचने व विश्लेषण करने के अलावा याद रखने का काम भी अपने दिमाग की बजाए कंप्यूटर से कराना चाहता है। उन्होंने ब्लूटूथ, हॉट स्पॉट, नेटवर्क प्रोटोकॉल, यूएसबी तेथेरिंग, वीपीएन, प्राईवेट डीएनएस की जानकारी दी। कार्यक्रम के समन्वयक डीन डा. रमना त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला में पहले दिन सैद्धांतिक ज्ञान दिया जाएगा। जबकि शनिवार से चार दिनों तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के गुण, प्रकार और प्वाइंट्स पर प्रेक्टिकल और व्याख्यान दिया जाएगा। इस दौरान छात्र-छात्राएं मॉडल भी तैयार करेंगे। इस मौके पर गोविंद यादव, उदिता राय, नारायण चौधरी, प्रफुल्ल रंजन, कविता तड़ियाल, संजय रावत, रजनी शर्मा और धनेश बर्थवाल आदि मौजूद थे।