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दहेज हत्यारोपी पति और सास को दस-दस साल की सजा
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:41 PM IST
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नई टिहरी। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति और सास को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने दस-दस साल की कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर आरोपियों को दो-दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
देवप्रयाग ब्लॉक के गड़कोट गांव में 10 मई 2016 को एक महिला का अधजला शव गोशाला में मिला था। कांडी गुसाईं निवासी मृतका के भाई खुशहाल सिंह, जसवीर ने थाना हिंडोलाखाल में 11 मई को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी बहन दीपा देवी (30) की शादी 2013 में गड़कोट निवासी रविंद्र सिंह पुत्र दर्शन सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति और सास भड्डू देवी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। दीपा का पति सेना में कार्यरत है, जो छुट्टी में गांव आया हुआ था। बताया कि दस मई को रविंद्र और उसकी मां ने दीपा को मायके से पांच लाख रुपये लाने के लिए कहा, जब उसने इनकार कर दिया, तो दोनों ने मिलकर उसी दिन उसकी हत्या कर दी। उसका अधजला शव पास की गोशाला में छिपा दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रविंद्र और उसकी मां के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। अगले दिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दस-दस साल का कठोर कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपियों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
देवप्रयाग ब्लॉक के गड़कोट गांव में 10 मई 2016 को एक महिला का अधजला शव गोशाला में मिला था। कांडी गुसाईं निवासी मृतका के भाई खुशहाल सिंह, जसवीर ने थाना हिंडोलाखाल में 11 मई को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी बहन दीपा देवी (30) की शादी 2013 में गड़कोट निवासी रविंद्र सिंह पुत्र दर्शन सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति और सास भड्डू देवी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। दीपा का पति सेना में कार्यरत है, जो छुट्टी में गांव आया हुआ था। बताया कि दस मई को रविंद्र और उसकी मां ने दीपा को मायके से पांच लाख रुपये लाने के लिए कहा, जब उसने इनकार कर दिया, तो दोनों ने मिलकर उसी दिन उसकी हत्या कर दी। उसका अधजला शव पास की गोशाला में छिपा दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रविंद्र और उसकी मां के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। अगले दिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दस-दस साल का कठोर कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपियों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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