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कुमाऊं को मिला 17 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य
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रुद्रपुर। खरीफ खरीद सत्र 2019-20 के लिए कुमाऊं मंडल को 17 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। पिछले सत्र में कुमाऊं मंडल को 12 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था।
उत्तराखंड का प्रमुख कृषि उत्पादक जिला होने के कारण अनाज की खरीद और खाद्यान्न जरूरतों के लिए प्रदेश सरकार ऊधमसिंह नगर जिले पर ही निर्भर है। ऊधमसिंह नगर को इस बार 17 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जबकि गढ़वाल मंडल को सिर्फ तीन लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। पिछले सत्र के लक्ष्य की अपेक्षा यह पांच लाख क्विंटल अधिक है। धान खरीद के लिए कुमाऊं में कुल 178 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लक्ष्य बढ़ने से धान खरीदने वाली क्रय एजेंसियों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। एक अक्तूबर से खरीफ खरीद सत्र शुरू होने के बावजूद अभी तक जिले में धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। धान की सरकारी खरीद फरवरी 2020 तक होनी है।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह कहते हैं कि सरकारी खरीद के लिए धान की नमी का मानक 17 प्रतिशत है जबकि नये कंबाइन से कटे धान में करीब 23 प्रतिशत नमी आ रही है। धान के सूखने के बाद नमी में कुछ कमी आएगी। इसके बाद ही किसान क्रय केंद्रों का रुख करेंगे।
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उत्तराखंड का प्रमुख कृषि उत्पादक जिला होने के कारण अनाज की खरीद और खाद्यान्न जरूरतों के लिए प्रदेश सरकार ऊधमसिंह नगर जिले पर ही निर्भर है। ऊधमसिंह नगर को इस बार 17 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जबकि गढ़वाल मंडल को सिर्फ तीन लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। पिछले सत्र के लक्ष्य की अपेक्षा यह पांच लाख क्विंटल अधिक है। धान खरीद के लिए कुमाऊं में कुल 178 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लक्ष्य बढ़ने से धान खरीदने वाली क्रय एजेंसियों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। एक अक्तूबर से खरीफ खरीद सत्र शुरू होने के बावजूद अभी तक जिले में धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। धान की सरकारी खरीद फरवरी 2020 तक होनी है।
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भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह कहते हैं कि सरकारी खरीद के लिए धान की नमी का मानक 17 प्रतिशत है जबकि नये कंबाइन से कटे धान में करीब 23 प्रतिशत नमी आ रही है। धान के सूखने के बाद नमी में कुछ कमी आएगी। इसके बाद ही किसान क्रय केंद्रों का रुख करेंगे।
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