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अनियमितता बरतने वालाें के खिलाफ होगी कार्रवाई
Rudraprayag
Updated Sat, 05 Jul 2014 05:34 AM IST
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रुद्रप्रयाग। नागजगई-फेगू-बरम्वाड़ी मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन गिंवाणी मोटर पुल का डीएम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणाें की समस्याआें को सुनते हुए डीएम ने संबंधित विभाग को शीघ्र पुल निर्माण की पूरा करने और तब तक पुल से आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्ग निर्माण के निर्देश दिए।
नागजगई-फेगू-बरम्वाड़ी मोटर मार्ग पर गिंवाणी में पांच साल से मोटर पुल निर्माणाधीन है। विभागीय लापरवाही के कारण मोटर पुल निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जिस कारण नागजगई, टेमरिया, फेगू, बरम्वाड़ी, तिनसोली व पाली आदि गांवाें के लोगाें को आवाजाही में परेशानी होती है। सबसे अधिक दिक्कत इन गांवाें से चंद्रापुरी आने वाले स्कूली बच्चाें को उठानी पड़ती है।
ग्रामीणाें की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने उप जिलाधिकारी उत्तम चौहान व लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ने बताया कि गत वर्ष जून माह में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण पुल के दोनों पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्हाेंने आश्वासन दिया कि सितंबर माह तक पुल का लेंटर डाल दिया जाएगा। डीएम डा. राघव लंगर ने कहा कि पांच वर्ष बाद भी पुल का कार्य पूर्ण न होने में विभागीय अभियंताआें की भूमिका पर सवाल खड़े होती हैं। जिसकी जांच की जाएगी। उन्हाेंने ईई को एक सप्ताह में पुल पर मोटी चादरें बिछाकर उनकी वेल्डिंग कर आवाजाही के लिए अस्थायी व्यवस्था करने को कहा। साथ एसडीएम को विभाग को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि पुल निर्माण में हुई अनियमितताआें की रिपोर्ट तैयार कर विभागाध्यक्ष व प्रमुख सचिव लोनिवि को प्रेषित की जाएगी।
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नागजगई-फेगू-बरम्वाड़ी मोटर मार्ग पर गिंवाणी में पांच साल से मोटर पुल निर्माणाधीन है। विभागीय लापरवाही के कारण मोटर पुल निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जिस कारण नागजगई, टेमरिया, फेगू, बरम्वाड़ी, तिनसोली व पाली आदि गांवाें के लोगाें को आवाजाही में परेशानी होती है। सबसे अधिक दिक्कत इन गांवाें से चंद्रापुरी आने वाले स्कूली बच्चाें को उठानी पड़ती है।
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ग्रामीणाें की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने उप जिलाधिकारी उत्तम चौहान व लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ने बताया कि गत वर्ष जून माह में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण पुल के दोनों पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्हाेंने आश्वासन दिया कि सितंबर माह तक पुल का लेंटर डाल दिया जाएगा। डीएम डा. राघव लंगर ने कहा कि पांच वर्ष बाद भी पुल का कार्य पूर्ण न होने में विभागीय अभियंताआें की भूमिका पर सवाल खड़े होती हैं। जिसकी जांच की जाएगी। उन्हाेंने ईई को एक सप्ताह में पुल पर मोटी चादरें बिछाकर उनकी वेल्डिंग कर आवाजाही के लिए अस्थायी व्यवस्था करने को कहा। साथ एसडीएम को विभाग को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि पुल निर्माण में हुई अनियमितताआें की रिपोर्ट तैयार कर विभागाध्यक्ष व प्रमुख सचिव लोनिवि को प्रेषित की जाएगी।
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