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ग्रामीणों ने श्रमदान कर नहर से खेतों तक पहुंचाया पानी
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:27 PM IST
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अगस्त्यमुनि। ब्लाक अगस्त्यमुनि के सौड़ी गांव के ग्रामीणों ने दो दिन में 20 मीटर लंबी सिंचाई नहर के लिए सामूहिक श्रमदान कर खेतों तक पानी पहुंचाया। सौड़ी गदेरे में बनी सिंचाई नहर चार साल पूर्व अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हो गई थी।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे से सटे सौड़ी कस्बे की सिंचाई नहर का शुरुआती 20 मीटर हिस्सा चार साल पहले आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। तब ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था की लेकिन ग्रामीणों की खेतों में धान व गेहूं का उत्पादन भी घटता रहा। सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत की मांग की लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस समस्या को देखते हुए ग्रामीण खुद आगे आए और श्रमदान कर सिंचाई नहर दुरुस्त की। प्रत्येक परिवार से एक-एक सदस्य ने श्रमदान किया। नहर में पत्थर व कूड़े करकट की सफाई कर नहर पर पानी चलाकर खेतों तक पहुंचाया। जयपाल सिंह, जगदीश सिंह, प्रेम सिंह, रामेश्वरी देवी, जगदीश सिंह, राजेश्वरी देवी, जगदीश सिंह, मदन सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग को कई बार कहने के बाद भी नहर की सुध नहीं ली गई। इस कारण ग्रामीणों ने श्रमदान कर नहर की मरम्मत का निर्णय लिया। दो दिन में ग्रामीणों ने नहर की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचा दिया है।
सिंचाई विभाग के एई यशवंत सिंह बर्तवाल एई का कहना है कि सिंचाई नहर की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को कई बार भेज चुुके हैं लेकिन धनराशि नहीं मिली।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे से सटे सौड़ी कस्बे की सिंचाई नहर का शुरुआती 20 मीटर हिस्सा चार साल पहले आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। तब ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था की लेकिन ग्रामीणों की खेतों में धान व गेहूं का उत्पादन भी घटता रहा। सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत की मांग की लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस समस्या को देखते हुए ग्रामीण खुद आगे आए और श्रमदान कर सिंचाई नहर दुरुस्त की। प्रत्येक परिवार से एक-एक सदस्य ने श्रमदान किया। नहर में पत्थर व कूड़े करकट की सफाई कर नहर पर पानी चलाकर खेतों तक पहुंचाया। जयपाल सिंह, जगदीश सिंह, प्रेम सिंह, रामेश्वरी देवी, जगदीश सिंह, राजेश्वरी देवी, जगदीश सिंह, मदन सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग को कई बार कहने के बाद भी नहर की सुध नहीं ली गई। इस कारण ग्रामीणों ने श्रमदान कर नहर की मरम्मत का निर्णय लिया। दो दिन में ग्रामीणों ने नहर की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचा दिया है।
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सिंचाई विभाग के एई यशवंत सिंह बर्तवाल एई का कहना है कि सिंचाई नहर की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को कई बार भेज चुुके हैं लेकिन धनराशि नहीं मिली।