{"_id":"6a9aa7241429098cea061615","slug":"work-on-the-permanent-treatment-of-the-sirohbagar-landslide-zone-has-begun-rudraprayag-news-c-52-1-rpg1007-120665-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी ट्रीटमेंट का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी ट्रीटमेंट का काम शुरू
Fri, 04 Sep 2026 04:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 04 Sep 2026 04:40 PM IST
विज्ञापन
फोटो
49 करोड़ रुपये की परियोजना 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को जोड़ने वाले हाईवे पर सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए शुक्रवार को काम शुरू हो गया। 49 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले ट्रीटमेंट कार्य का पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया गया। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रुद्रप्रयाग-पौड़ी गढ़वाल की सीमा पर स्थित सिरोहबगड़ में लगातार पहाड़ी कटाव के कारण बारिश के दौरान मलबा और पत्थर हाईवे पर आने से यातायात बाधित होता रहा है। इससे चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। एनएच खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों से पहाड़ी के ढलान को स्थिर करने व पत्थर और मलबे के खतरे को कम करने के कार्य किए जाएंगे। परियोजना के तहत पहाड़ी से करीब 50 हजार घनमीटर ढीले पत्थर और कमजोर हिस्सा हटाया जाएगा। पहाड़ी को मजबूत करने के लिए केबल नेट और दूसरी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कमजोर हिस्सों में मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी। जरूरत वाले स्थानों पर कंक्रीट और गहरी नींव वाली दीवारें व पानी के कटाव को रोकने के लिए कंक्रीट की विशेष परत बिछाई जाएगी।
विज्ञापन
49 करोड़ रुपये की परियोजना 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को जोड़ने वाले हाईवे पर सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए शुक्रवार को काम शुरू हो गया। 49 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले ट्रीटमेंट कार्य का पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया गया। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रुद्रप्रयाग-पौड़ी गढ़वाल की सीमा पर स्थित सिरोहबगड़ में लगातार पहाड़ी कटाव के कारण बारिश के दौरान मलबा और पत्थर हाईवे पर आने से यातायात बाधित होता रहा है। इससे चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। एनएच खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों से पहाड़ी के ढलान को स्थिर करने व पत्थर और मलबे के खतरे को कम करने के कार्य किए जाएंगे। परियोजना के तहत पहाड़ी से करीब 50 हजार घनमीटर ढीले पत्थर और कमजोर हिस्सा हटाया जाएगा। पहाड़ी को मजबूत करने के लिए केबल नेट और दूसरी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कमजोर हिस्सों में मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी। जरूरत वाले स्थानों पर कंक्रीट और गहरी नींव वाली दीवारें व पानी के कटाव को रोकने के लिए कंक्रीट की विशेष परत बिछाई जाएगी।
विज्ञापन