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रुद्रप्रयाग के अपर बाजार में रामलीला का शुभारंभ
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:35 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अपर बाजार में रामलीला के पहले दिन श्रवण कुमार लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर देर रात्रि तक रामभक्त पांडाल में डटे रहे।
वार्ड 2 में आयोजित रामलीला का शुभारंभ वरिष्ठ अधिवक्ता व (नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष) कालिका प्रसाद खन्ना ने किया। कहा, कि भगवान श्रीराम के विचारों और आदर्शो को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए रामलीला का आयोजन नियमित होना चाहिए। इसके उपरांत पहले दिन की लीला की शुरूआत लंका में राजा रावण, कुंभकरण व विभिषण द्वार भगवान ब्रह्मा की तपस्या से होती है। तीनों भाईयों को भगवान वरदान देते हैं। रावण भगवान शिव की स्तुति करते हुए कैलाश पवर्त को हिला देता है। वह शिवतांडव स्तुति से भगवान को खुश कर देता है। इधर, अध्योध्या में श्रवण कुमार अपने पिता शांतनु व मां ज्ञानवती को तीर्थ भ्रमण के लिए ले जाता है। अंधे बूढ़े माता-पिता को प्यास लगती है, जिस पर श्रवण एक सरोवर में पानी के लिए जाता है। तभी वह राजा दशरथ के शब्दभेदी वाण से मर जाता है। राजा पानी लेकर उसके माता पिता के पास जाते है और उन्हें स्थिति से अवगत कराते हैं। इस पर, वे राजा को स्वयं की भांति पुत्र वियोग में तड़प कर मरने का श्राप देते है। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष दिपांशु भट्ट, महावीर भट्ट, पंडित दीपक नौटियाल, अंकुर खन्ना समेत अन्य लोग मौजूद थे। ब्यूरो
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वार्ड 2 में आयोजित रामलीला का शुभारंभ वरिष्ठ अधिवक्ता व (नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष) कालिका प्रसाद खन्ना ने किया। कहा, कि भगवान श्रीराम के विचारों और आदर्शो को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए रामलीला का आयोजन नियमित होना चाहिए। इसके उपरांत पहले दिन की लीला की शुरूआत लंका में राजा रावण, कुंभकरण व विभिषण द्वार भगवान ब्रह्मा की तपस्या से होती है। तीनों भाईयों को भगवान वरदान देते हैं। रावण भगवान शिव की स्तुति करते हुए कैलाश पवर्त को हिला देता है। वह शिवतांडव स्तुति से भगवान को खुश कर देता है। इधर, अध्योध्या में श्रवण कुमार अपने पिता शांतनु व मां ज्ञानवती को तीर्थ भ्रमण के लिए ले जाता है। अंधे बूढ़े माता-पिता को प्यास लगती है, जिस पर श्रवण एक सरोवर में पानी के लिए जाता है। तभी वह राजा दशरथ के शब्दभेदी वाण से मर जाता है। राजा पानी लेकर उसके माता पिता के पास जाते है और उन्हें स्थिति से अवगत कराते हैं। इस पर, वे राजा को स्वयं की भांति पुत्र वियोग में तड़प कर मरने का श्राप देते है। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष दिपांशु भट्ट, महावीर भट्ट, पंडित दीपक नौटियाल, अंकुर खन्ना समेत अन्य लोग मौजूद थे। ब्यूरो