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कहीं बाली सुग्रीव का युद्ध तो कहीं खरदूषण का हुआ वध
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रुड़की सुभाष नगर स्थित गढ़वाल सभा में आयोजित रामलीला में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : ROORKEE
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रुड़की। बीटी गंज में आयोजित श्रीरामलीला मंचन के दौरान माता अनसुइया द्वारा पतिव्रता धर्म के उपदेश का मंचन किया गया। इससे पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला का शुभारंभ कराया। वहीं रुड़की गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित श्रीरामलीला मंचन में बाली और सुग्रीव के युद्ध ने दर्शकों में रोमांच भर दिया।
बीटी गंज में आयोजित श्री रामलीला में श्रीराम द्वारा माता सीता का शृंगार करना, श्रीराम का अत्रि ऋषि के आश्रम पर पधारना, सीताजी को अनसुइया माता द्वारा पतिव्रता धर्म का उपदेश देना, भक्त सुतिक्षण पर कृपा करके ऋषि अगस्त के आश्रम पर जाना, अगस्त ऋषि से आज्ञा लेकर पंचवटी पर जाना और सूर्पनखा की नाक कान काटने व खर दूषण का वध का मार्मिक और रोमांच से भरपूर मंचन किया गया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक चंद्रा, प्रवीण सिंधू, मेयर गौरव गोयल, ऋषिपाल बालियान, अमित अग्रवाल, गजेंद्र चौधरी, प्रमोद चौधरी, प्रदीप पाल आदि मौजूद रहे। उधर, रुड़की गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित आठवें दिन की लीला में बाली सुग्रीव युद्ध ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। इसके बाद बाली वध, सुग्रीव का राज्याभिषेक, राम द्वारा हनुमान जी को दूत बना कर लंका भेजना, अशोक वाटिका में रावण सीता संवाद, हनुमान का सीता से भेंट अंगूठी देना, अशोक वाटिका को हनुमान द्वारा नष्ट करना, अक्षय कुमार का वध, मेघनाथ द्वारा हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार में पेश करना, हनुमान रावण संवाद और लंका दहन का मंचन किया गया। बाली की भूमिका तेजपाल पटवाल और सुग्रीव की भूमिका सुरेंद्र रावत और हनुमान की भूमिका राकेश चौहान और राम लक्ष्मण सीता की भूमिका क्रमश प्रेम जदली, अर्पण जोशी, प्रदीप कोटनाला एवं रावण, विभीषण, मेघनाद की भूमिका क्रमश: रामप्रकाश कोटनाला, नवीन बुड़ा कोटी, विजय सिंह रावत ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिवपूजन सिंह नेगी और विशिष्ट अतिथि विक्रम सिंह नेगी, अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, संयोजक मोहन लाल बहुगुणा, निर्देशक टीआर भट्ट आदि उपस्थित थे।
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राम केवट संवाद पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं
रुड़की। सोमवार को टोडा कल्याणपुर की श्री रामलीला में श्री राम के साथ सीता व लक्ष्मण के वन जाने का मंचन किया गया। इस दौरान राम केवट के संवाद पर दर्शक ने जमकर तालियां बजाईं।
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बीती रात राम केवट मिलन के प्रसंग का सुंदर मंचन किया गया। इससे पूर्व भगवान श्रीराम अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में नदी पार करने के लिए वे केवट की मदद मांगते हैं। केवट भगवान राम को पहचान लेता है और उन्हें अपनी नाव में चढ़ाने से पहले तीनों के पैरों को धोता है। इस मौके पर रामलीला कमेटी के प्रधान दीपक गिरी, चेतराम सैनी, बिजेंद्र सैनी, जोगिंदर सैनी, अजय गिरी, गौरव सैनी, संजू, विशाल, अंकित, दिनेश सैनी, मोनू, विजय कश्यप, अमन, संजय सैनी आदि मौजूद रहे।
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सूर्पनखा मंचन ने दर्शकों में भरा रोमांच
रुड़की। खंजरपुर में श्रीकृष्ण रामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीरामलीला मंचन में पंचवटी झांकी, सूर्पनखा की नाक काटना, खर दूषण वध, रावण मारीच संवाद, सीता हरण, जटायु मरण एवं शबरी के मीठे बेर खाने के प्रसंग को दिखाया गया। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा, समिति अध्यक्ष राजकुमार राणा, अमित अग्रवाल, तरुण पुंडीर, अमन जायसवाल एवं रामलाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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बीटी गंज में आयोजित श्री रामलीला में श्रीराम द्वारा माता सीता का शृंगार करना, श्रीराम का अत्रि ऋषि के आश्रम पर पधारना, सीताजी को अनसुइया माता द्वारा पतिव्रता धर्म का उपदेश देना, भक्त सुतिक्षण पर कृपा करके ऋषि अगस्त के आश्रम पर जाना, अगस्त ऋषि से आज्ञा लेकर पंचवटी पर जाना और सूर्पनखा की नाक कान काटने व खर दूषण का वध का मार्मिक और रोमांच से भरपूर मंचन किया गया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक चंद्रा, प्रवीण सिंधू, मेयर गौरव गोयल, ऋषिपाल बालियान, अमित अग्रवाल, गजेंद्र चौधरी, प्रमोद चौधरी, प्रदीप पाल आदि मौजूद रहे। उधर, रुड़की गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित आठवें दिन की लीला में बाली सुग्रीव युद्ध ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। इसके बाद बाली वध, सुग्रीव का राज्याभिषेक, राम द्वारा हनुमान जी को दूत बना कर लंका भेजना, अशोक वाटिका में रावण सीता संवाद, हनुमान का सीता से भेंट अंगूठी देना, अशोक वाटिका को हनुमान द्वारा नष्ट करना, अक्षय कुमार का वध, मेघनाथ द्वारा हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार में पेश करना, हनुमान रावण संवाद और लंका दहन का मंचन किया गया। बाली की भूमिका तेजपाल पटवाल और सुग्रीव की भूमिका सुरेंद्र रावत और हनुमान की भूमिका राकेश चौहान और राम लक्ष्मण सीता की भूमिका क्रमश प्रेम जदली, अर्पण जोशी, प्रदीप कोटनाला एवं रावण, विभीषण, मेघनाद की भूमिका क्रमश: रामप्रकाश कोटनाला, नवीन बुड़ा कोटी, विजय सिंह रावत ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिवपूजन सिंह नेगी और विशिष्ट अतिथि विक्रम सिंह नेगी, अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, संयोजक मोहन लाल बहुगुणा, निर्देशक टीआर भट्ट आदि उपस्थित थे।
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राम केवट संवाद पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं
रुड़की। सोमवार को टोडा कल्याणपुर की श्री रामलीला में श्री राम के साथ सीता व लक्ष्मण के वन जाने का मंचन किया गया। इस दौरान राम केवट के संवाद पर दर्शक ने जमकर तालियां बजाईं।
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बीती रात राम केवट मिलन के प्रसंग का सुंदर मंचन किया गया। इससे पूर्व भगवान श्रीराम अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में नदी पार करने के लिए वे केवट की मदद मांगते हैं। केवट भगवान राम को पहचान लेता है और उन्हें अपनी नाव में चढ़ाने से पहले तीनों के पैरों को धोता है। इस मौके पर रामलीला कमेटी के प्रधान दीपक गिरी, चेतराम सैनी, बिजेंद्र सैनी, जोगिंदर सैनी, अजय गिरी, गौरव सैनी, संजू, विशाल, अंकित, दिनेश सैनी, मोनू, विजय कश्यप, अमन, संजय सैनी आदि मौजूद रहे।
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सूर्पनखा मंचन ने दर्शकों में भरा रोमांच
रुड़की। खंजरपुर में श्रीकृष्ण रामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीरामलीला मंचन में पंचवटी झांकी, सूर्पनखा की नाक काटना, खर दूषण वध, रावण मारीच संवाद, सीता हरण, जटायु मरण एवं शबरी के मीठे बेर खाने के प्रसंग को दिखाया गया। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा, समिति अध्यक्ष राजकुमार राणा, अमित अग्रवाल, तरुण पुंडीर, अमन जायसवाल एवं रामलाल आदि मौजूद रहे। संवाद