तहसील क्षेत्र में सड़क किनारे अतिक्रमण कर व सरकारी संपत्तियों पर बने धार्मिक स्थलों की जगह बदलने के लिए एसडीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने की बात कहते हुए एक सप्ताह के भीतर धार्मिक स्थलों को दूसरे स्थान पर परिवर्तित करने के लिए जगह चिह्नित करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी संपत्ति, सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण करके बनाए गए सभी धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश सरकार को दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने धार्मिक स्थलों के पुनर्स्थापना करने व ध्वस्तीकरण करने के लिए धार्मिक स्थलों का सर्वे किया था। लक्सर एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान 34 धार्मिक स्थल चिह्नित किए गए थे। इनमें से 18 धार्मिक स्थलों का नियमितीकरण किया जाना है। इसके अलावा तेरह धार्मिक स्थल दूसरे स्थान पर पुनर्स्थापना होंगे। जबकि 3 धार्मिक स्थलों के कुछ हिस्सों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। बृहस्पतिवार को एसडीएम पूरण सिंह राणा ने सभी संबंधित विभागों व धार्मिक स्थलों से जुड़े हुए लोगों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में नैनीताल हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर इसके लिए समय मांगा गया था, लेकिन कोर्ट ने सरकार को समय देने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके चलते एक सप्ताह के भीतर सभी धार्मिक स्थलों के लिए पुनर्स्थापना करने के लिए दूसरी जगह चिह्नित करनी होगी। सभी राजनीतिक दलों से जुड़े हुए पदाधिकारी एक सप्ताह के भीतर इसके लिए जगह चिह्नित करें। बैठक में तहसीलदार सुनैना राणा, नगर पालिका चेयरमैन अंबरीश गर्ग, व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, अजय वर्मा, राजस्व निरीक्षक राज्यपाल जैन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे ब्रज मोहन सिंह, नरेश कुमार, अजय खाती, गुलशन, राहुल गर्ग व हिमांशु गोयल आदि शामिल रहे।