{"_id":"5c9fba78bdec22143356d6d1","slug":"81553971832-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा से यौन शोषण मामले में बयान दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्रा से यौन शोषण मामले में बयान दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा से यौन शोषण के केस में शासन स्तर से गठित की गई टीम ने पीड़ित छात्रा और आरोपी दो प्रोफेसरों के एसपी देहात कार्यालय रुड़की में बयान दर्ज किए। साथ ही एसआईटी की टीम में शामिल सीओ रुड़की व संस्थान की गठित कमेटी की रिपोर्ट की भी बारीकी से छानबीन की। इस दौरान एसपी देहात कार्यालय के बाहर पीड़ित छात्रा के पक्ष में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी जमा हो गए। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर लिए गए स्टे को निरस्त होने की बात कहते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
पिछले साल दिसंबर में रुड़की के एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा ने निदेशक, डीन समेत कई प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव करने का आरोप लगाया था। छात्रा के पक्ष में भीम आर्मी ने कोतवाली का घेराव करते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी। इस बीच तत्कालीन एसएसपी की ओर से तीन सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया था। साथ ही मामले में जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। एसआईटी टीम ने प्रोफेसरों और पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट एसएससपी को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली में दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस बीच दोनों प्रोफेसर गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे और गिरफ्तारी पर स्टे ले आए थे। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा था। शासन ने जांच के लिए एक टीम गठित की थी। प्रकरण के करीब तीन माह बाद पुलिस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में शनिवार को शासन स्तर से गठित की गई टीम के अध्यक्ष सचिव बृजेश पंत समेत एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय रुड़की एसपी देहात कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित छात्रा और आरोपी प्रोफेसरों के बयान दर्ज करते हुए कई बिंदुओं पर जानकारी ली। साथ ही संस्थान की गठित कमेठी व एसआईटी प्रभारी सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट से भी कई बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उधर, पीड़ित छात्रा के पक्ष में भीम आर्मी के महकार सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता भी एसपी देहात कार्यालय पहुंच गए। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने कहा कि गिरफ्तारी पर जो स्टे लिया गया था, वह कैंसिल हो गया है। इसलिए मामले में गिरफ्तारी की जाए।
विज्ञापन
पिछले साल दिसंबर में रुड़की के एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा ने निदेशक, डीन समेत कई प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव करने का आरोप लगाया था। छात्रा के पक्ष में भीम आर्मी ने कोतवाली का घेराव करते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी। इस बीच तत्कालीन एसएसपी की ओर से तीन सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया था। साथ ही मामले में जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। एसआईटी टीम ने प्रोफेसरों और पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट एसएससपी को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली में दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस बीच दोनों प्रोफेसर गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे और गिरफ्तारी पर स्टे ले आए थे। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा था। शासन ने जांच के लिए एक टीम गठित की थी। प्रकरण के करीब तीन माह बाद पुलिस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में शनिवार को शासन स्तर से गठित की गई टीम के अध्यक्ष सचिव बृजेश पंत समेत एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय रुड़की एसपी देहात कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित छात्रा और आरोपी प्रोफेसरों के बयान दर्ज करते हुए कई बिंदुओं पर जानकारी ली। साथ ही संस्थान की गठित कमेठी व एसआईटी प्रभारी सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट से भी कई बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उधर, पीड़ित छात्रा के पक्ष में भीम आर्मी के महकार सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता भी एसपी देहात कार्यालय पहुंच गए। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने कहा कि गिरफ्तारी पर जो स्टे लिया गया था, वह कैंसिल हो गया है। इसलिए मामले में गिरफ्तारी की जाए।
विज्ञापन