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एडीएम कार्यालय में छात्रों के बयान हुए दर्ज
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:24 AM IST
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रुड़की।ऊर्जा निगम और पिटकुल में जेई भर्ती परीक्षा में रुड़की के एक कोचिंग सेंटर से 66 छात्रों के चयन हुआ था। एक ही कोचिंग सेंटर से इतने छात्रों के चयन पर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने कोचिंग सेंटर पर छापा मारा था। इस मामले में डीएम की ओर से एडीएम को जांच सौंपी गई थी। एडीएम की ओर से आज 14 छात्रों के बयान दर्ज किए गए।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग देहरादून की ओर से 21 नवंबर 2016 को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन और पिटकुल में सहायक अभियंताओं के 256 पदों पर पांच नवंबर 2017 को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम छह फरवरी को आया था। 256 पदों पर आयोजित परीक्षा में रुड़की के जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 अभ्यर्थियों के सफल होने के बाद सवाल उठने लगे थे। लोगों ने अधीनस्थ चयन आयोग की भूमिका पर संदेह जताया था।
कुछ छात्रों की ओर से हाईकोर्ट से भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने की मांग को लेकर रिट दायर की गई थी। जिस पर अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच के आदेश दिए गए थे। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कोचिंग सेंटर पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान जिलाधिकारी की ओर वहां कोचिंग करने वाले छात्रों और फैकल्टी से सवाल जवाब किए गए थे। जांच के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्रा को जांच सौंपी गई थी। सोमवार को एडीएम कार्यालय रोशनाबाद में सफल हुए 14 छात्रों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए। इस दौरान छात्रों को कोचिंग से संबंधित सिलेबस, कोचिंग सेंटर में पढ़ाने वाली फैकल्टी सहित कई सवाल किए गए। मंगलवार को भी 14 छात्रों के बयान दर्ज होंगे।
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इस भर्ती प्रक्रिया पर 15 मार्च को नैनीताल हाईकोर्ट रोक लगा चुका है।
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उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग देहरादून की ओर से 21 नवंबर 2016 को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन और पिटकुल में सहायक अभियंताओं के 256 पदों पर पांच नवंबर 2017 को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम छह फरवरी को आया था। 256 पदों पर आयोजित परीक्षा में रुड़की के जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 अभ्यर्थियों के सफल होने के बाद सवाल उठने लगे थे। लोगों ने अधीनस्थ चयन आयोग की भूमिका पर संदेह जताया था।
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कुछ छात्रों की ओर से हाईकोर्ट से भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने की मांग को लेकर रिट दायर की गई थी। जिस पर अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच के आदेश दिए गए थे। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कोचिंग सेंटर पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान जिलाधिकारी की ओर वहां कोचिंग करने वाले छात्रों और फैकल्टी से सवाल जवाब किए गए थे। जांच के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्रा को जांच सौंपी गई थी। सोमवार को एडीएम कार्यालय रोशनाबाद में सफल हुए 14 छात्रों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए। इस दौरान छात्रों को कोचिंग से संबंधित सिलेबस, कोचिंग सेंटर में पढ़ाने वाली फैकल्टी सहित कई सवाल किए गए। मंगलवार को भी 14 छात्रों के बयान दर्ज होंगे।
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इस भर्ती प्रक्रिया पर 15 मार्च को नैनीताल हाईकोर्ट रोक लगा चुका है।