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गिरफ्तारी की खबर लगते ही समर्थकों ने लगाई कोतवाली की दौड़
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:12 AM IST
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रुड़की। मेयर यशपाल राणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता गंगनहर कोतवाली की ओर दौड़ पड़े। उमड़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को आसपास के थानों से भी पुलिस फोर्स को बुलाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने भी रुड़की में डेरा डाले रखा।
रविवार देर रात ही पुलिस ने मेयर यशपाल राणा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन रात में अधिकतर समर्थकों को इस बात की जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन भोर होते ही शहर में मेयर यशपाल राणा की गिरफ्तारी की खबर आग की तरह फैल गई। उनके समर्थक और कांग्रेसी नेताओं गंगनहर कोतवाली की ओर दौड़ने लगे। एकाएक गंगनहर कोतवाली के बाहर सैकड़ों की संख्या में समर्थकों ने डेरा डाल लिया। समर्थकों की बढ़ती तादाद देखकर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी और आसपास के थानों से फोर्स का बंदोबस्त किया गया, ताकि समय रहते किसी भी स्थिति से निपटा जाए। इस दौरान गंगनहर कोतवाली में घंटों यशपाल राणा के समर्थन में ड्रामा चलता रहा, लेकिन पुलिस अपने निर्णय पर अटल रही और मेयर यशपाल राणा को जेल भेज दिया। वहीं, मेयर को गिरफ्तार करने के बाद उनके अंबर तालाब स्थित आवास पर भी देर तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही। उनके भाई सुरेश राणा ने उन्हें कोई भी कार्रवाई नहीं करने की बात कहकर शांत किया।
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रविवार देर रात ही पुलिस ने मेयर यशपाल राणा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन रात में अधिकतर समर्थकों को इस बात की जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन भोर होते ही शहर में मेयर यशपाल राणा की गिरफ्तारी की खबर आग की तरह फैल गई। उनके समर्थक और कांग्रेसी नेताओं गंगनहर कोतवाली की ओर दौड़ने लगे। एकाएक गंगनहर कोतवाली के बाहर सैकड़ों की संख्या में समर्थकों ने डेरा डाल लिया। समर्थकों की बढ़ती तादाद देखकर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी और आसपास के थानों से फोर्स का बंदोबस्त किया गया, ताकि समय रहते किसी भी स्थिति से निपटा जाए। इस दौरान गंगनहर कोतवाली में घंटों यशपाल राणा के समर्थन में ड्रामा चलता रहा, लेकिन पुलिस अपने निर्णय पर अटल रही और मेयर यशपाल राणा को जेल भेज दिया। वहीं, मेयर को गिरफ्तार करने के बाद उनके अंबर तालाब स्थित आवास पर भी देर तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही। उनके भाई सुरेश राणा ने उन्हें कोई भी कार्रवाई नहीं करने की बात कहकर शांत किया।
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