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अधिवक्ता हत्याकांड में प्रवीण वाल्मीकि का नाम भी हुआ दर्ज
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की हत्या के मामले में पुलिस ने कोर्ट से अनुमति मिलने पर चमोली जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि का नाम भी शामिल कर लिया है। पुलिस के बी वारंट पर भी रुड़की नहीं आने पर कोर्ट ने वाल्मीकि को तलब किया। इसके बाद प्रवीण रुड़की पहुंचा। यहां पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में प्रवीण से अधिवक्ता हत्याकांड में पूछताछ कर उसे वापस चमोली जेल भेज दिया गया।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुनहरा निवासी अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की 21 दिसंबर 2017 को दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने शेखर निवासी नई बस्ती और आकाश उर्फ गंडासा निवासी पूर्वी अंबर तालाब के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने बताया था कि अधिवक्ता का वाल्मीकि से एक प्लाट को लेकर विवाद था। इसके चलते वह अधिवक्ता की हत्या करवाना चाहता था। इसी बीच उसे पता चला कि शेखर का भी अधिवक्ता से विवाद है तो इसने अपने दो गुर्गों आशीष उर्फ कन्नू और सलमान को शेखर से संपर्क कर अधिवक्ता की हत्या करवाने की बात कही थी। दोनों ने शेखर और आकाश को तमंचा उपलब्ध करवाया था। तमंचा मिलने पर शेखर और आकाश ने अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गे आशीष उर्फ कन्नू को धनौरी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रवीण वाल्मीकि का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे बी वारंट भेजा था, लेकिन वह बी वारंट पर नहीं आया था। पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने वाल्मीकि को तलब किया, तब जाकर मंगलवार को प्रवीण वाल्मीकि बी वारंट पर चमोली जेल से रुड़की पहुंचा। एसएसआई रणजीत तोमर ने बताया कि अधिवक्ता हत्याकांड में वाल्मीकि की संलिप्ता पाए जाने पर उसका नाम भी हत्याकांड की जांच में शामिल कर लिया गया है। पूछताछ करने के बाद वाल्मीकि को वापस चमोली जेल भेज दिया गया है।
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अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की हत्या के मामले में पुलिस ने कोर्ट से अनुमति मिलने पर चमोली जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि का नाम भी शामिल कर लिया है। पुलिस के बी वारंट पर भी रुड़की नहीं आने पर कोर्ट ने वाल्मीकि को तलब किया। इसके बाद प्रवीण रुड़की पहुंचा। यहां पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में प्रवीण से अधिवक्ता हत्याकांड में पूछताछ कर उसे वापस चमोली जेल भेज दिया गया।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुनहरा निवासी अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की 21 दिसंबर 2017 को दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने शेखर निवासी नई बस्ती और आकाश उर्फ गंडासा निवासी पूर्वी अंबर तालाब के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने बताया था कि अधिवक्ता का वाल्मीकि से एक प्लाट को लेकर विवाद था। इसके चलते वह अधिवक्ता की हत्या करवाना चाहता था। इसी बीच उसे पता चला कि शेखर का भी अधिवक्ता से विवाद है तो इसने अपने दो गुर्गों आशीष उर्फ कन्नू और सलमान को शेखर से संपर्क कर अधिवक्ता की हत्या करवाने की बात कही थी। दोनों ने शेखर और आकाश को तमंचा उपलब्ध करवाया था। तमंचा मिलने पर शेखर और आकाश ने अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गे आशीष उर्फ कन्नू को धनौरी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रवीण वाल्मीकि का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे बी वारंट भेजा था, लेकिन वह बी वारंट पर नहीं आया था। पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने वाल्मीकि को तलब किया, तब जाकर मंगलवार को प्रवीण वाल्मीकि बी वारंट पर चमोली जेल से रुड़की पहुंचा। एसएसआई रणजीत तोमर ने बताया कि अधिवक्ता हत्याकांड में वाल्मीकि की संलिप्ता पाए जाने पर उसका नाम भी हत्याकांड की जांच में शामिल कर लिया गया है। पूछताछ करने के बाद वाल्मीकि को वापस चमोली जेल भेज दिया गया है।
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