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एसआईटी जांच खोलेगी कच्ची शराब का कच्चा चिट्ठा
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
जहरीली शराब प्रकरण में एसआईटी की जांच में कई और खुलासे की उम्मीद है। अभी तक के खुलासे में कई ऐसे राज हैं, जिनसे पर्दा उठना बाकी है। एसआईटी की जांच में कच्ची शराब से अमीर बने कई चेहरे भी बेनकाब होंगे। जो माफिया दोनों जिलों के बॉर्डर पर अपना नेटवर्क चलाते हैं, उन पर भी एसआईटी शिकंजा कसेगी। एसआईटी आरोपियों से गहनता से पूछताछ करेगी तो कई राज से पर्दा उठेगा। एसआईटी गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी तो उनके सवालों का जवाब भी तलाशा जाएगा।
झबरेड़ा क्षेत्र के बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, चुड़ियाला, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा और अनंतपुर गांवों में आठ फरवरी को जहरीली शराब से 36 ग्रामीणों की मौत ने शासन से लेकर प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस अब तक इस मामले में 13 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है, लेकिन अभी तक शराब बनाने में प्रयोग किए गए केमिकल की सच्चाई का पता नहीं लग पाया है। मृतकों की विसरा रिपोर्ट और केमिकल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मामले की जांच कर रही एसआईटी भी विसरा और केेमिकल रिपोर्ट के इंतजार में है। इससे पहले एसआईटी ने अपनी जांच के लिए पूर होमवर्क किया है। इसके तहत एसआईटी ने सवालों की लंबी सूची तैयार की है। अब तक की जांच में हुए खुलासे में कई सवाल अभी बाकी हैं तो कई राज भी छिपे हैं। सवाल यह है कि कच्ची शराब बनाने और बेचने तक के नेटवर्क में वे कौन हैं, जिनके नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। साथ ही शराब के धंधे में अमीर बने चेहरे कहां छिपे हैं। दोनों जिलों के बॉर्डर पर कच्ची शराब बनाने वाले माफिया का नेटवर्क यूपी और उत्तराखंड से लेकर कहां-कहां तक फैला है और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं। इन सबका काला चिट्ठा एसआईटी की जांच से खुलेगा। एसआईटी प्रभारी एवं आईजी अजय रौतेला ने बताया कि विसरा और केमिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। पूरे प्रकरण में कई बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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जहरीली शराब प्रकरण में एसआईटी की जांच में कई और खुलासे की उम्मीद है। अभी तक के खुलासे में कई ऐसे राज हैं, जिनसे पर्दा उठना बाकी है। एसआईटी की जांच में कच्ची शराब से अमीर बने कई चेहरे भी बेनकाब होंगे। जो माफिया दोनों जिलों के बॉर्डर पर अपना नेटवर्क चलाते हैं, उन पर भी एसआईटी शिकंजा कसेगी। एसआईटी आरोपियों से गहनता से पूछताछ करेगी तो कई राज से पर्दा उठेगा। एसआईटी गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी तो उनके सवालों का जवाब भी तलाशा जाएगा।
झबरेड़ा क्षेत्र के बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, चुड़ियाला, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा और अनंतपुर गांवों में आठ फरवरी को जहरीली शराब से 36 ग्रामीणों की मौत ने शासन से लेकर प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस अब तक इस मामले में 13 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है, लेकिन अभी तक शराब बनाने में प्रयोग किए गए केमिकल की सच्चाई का पता नहीं लग पाया है। मृतकों की विसरा रिपोर्ट और केमिकल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मामले की जांच कर रही एसआईटी भी विसरा और केेमिकल रिपोर्ट के इंतजार में है। इससे पहले एसआईटी ने अपनी जांच के लिए पूर होमवर्क किया है। इसके तहत एसआईटी ने सवालों की लंबी सूची तैयार की है। अब तक की जांच में हुए खुलासे में कई सवाल अभी बाकी हैं तो कई राज भी छिपे हैं। सवाल यह है कि कच्ची शराब बनाने और बेचने तक के नेटवर्क में वे कौन हैं, जिनके नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। साथ ही शराब के धंधे में अमीर बने चेहरे कहां छिपे हैं। दोनों जिलों के बॉर्डर पर कच्ची शराब बनाने वाले माफिया का नेटवर्क यूपी और उत्तराखंड से लेकर कहां-कहां तक फैला है और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं। इन सबका काला चिट्ठा एसआईटी की जांच से खुलेगा। एसआईटी प्रभारी एवं आईजी अजय रौतेला ने बताया कि विसरा और केमिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। पूरे प्रकरण में कई बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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