{"_id":"5adb870f4f1c1b87028b5c0e","slug":"181524336399-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद के आश्वासन पर मृतक आश्रित कर्मचारियों ने किया क्रमिक अनशन समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद के आश्वासन पर मृतक आश्रित कर्मचारियों ने किया क्रमिक अनशन समाप्त
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। पिछले बारह दिनों से आईआईटी में अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन कर रहे मृतक आश्रित कर्मचारियों ने हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने क्रमिक अनशन समाप्त करा दिया है। संस्थान निदेशक ने सांसद को मामले को बोर्ड ऑफ गर्वनर की बैठक में रखने का आश्वासन दिया है।
कुछ दिनों पहले आईआईटी रुड़की ने मृतक आश्रित कर्मचारियों को 30 जून को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया था।
जिसके विरोध में मृतक आश्रित आईआईटी में बारह दिन से क्रमिक अनशन कर रहे थे। शुक्रवार की देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और विधायक प्रदीप बत्रा धरना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी में पहुंचकर निदेशक से वार्ता की। जहां पर निदेशक से हुई वार्ता में यह आश्वासन दिया गया कि मामले को बोर्ड ऑफ गर्वनर की बैठक में रखा जाएगा। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। जिस पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने मृतक आश्रित कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि यदि उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है, तो वह भी उनके साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान योगेंद्र नाथ अरुण, पार्षद अभिषेक चंद्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुछ दिनों पहले आईआईटी रुड़की ने मृतक आश्रित कर्मचारियों को 30 जून को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया था।
जिसके विरोध में मृतक आश्रित आईआईटी में बारह दिन से क्रमिक अनशन कर रहे थे। शुक्रवार की देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और विधायक प्रदीप बत्रा धरना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी में पहुंचकर निदेशक से वार्ता की। जहां पर निदेशक से हुई वार्ता में यह आश्वासन दिया गया कि मामले को बोर्ड ऑफ गर्वनर की बैठक में रखा जाएगा। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। जिस पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने मृतक आश्रित कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि यदि उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है, तो वह भी उनके साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान योगेंद्र नाथ अरुण, पार्षद अभिषेक चंद्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन