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Rishikesh News: ऑटोमेटिक आरियों से चंदन के चार पेड़ काटकर ले गए तस्कर

Sat, 14 Sep 2024 05:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 05:02 AM IST
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Smugglers cut four sandalwood trees with automatic saws and
भानियावाला-ऋषिकेश मुख्य मार्ग के किनारे बसी रानीपोखरी ग्राम पंचायत में बीती रात चंदन तस्कर दो लोगों के बगीचे व खेत से चंदन के चार पेड़ काटकर फरार हो गए। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर देकर चंदन तस्कर पर कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रानीपोखरी में चंदन नहीं बल्कि चंदना के काफी पेड़ हैं, जो अब छूट प्रजाति में शामिल हैं।
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रानीपोखरी के नागाघेर गांव में सुशील कश्यप पुत्र स्व. बुद्ध सिंह के आम के बगीचे में तस्कर 10 से 15 साल पुराने ढाई से तीन फीट गोलाई के चंदन के तीन पेड़ काटे गए। वहीं इसी गांव में अशोक कुमार के खेत से भी चंदन का एक पेड़ काटा गया है। सभी पेड़ ऑटोमेटिक आरी से काटे गए हैं। ग्राम प्रधान सुधीर रतूडी ने कहा कि नागाघेर में इससे पहले भी कई बार चंदन के पेड़ काटे जा चुके हैं।
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सुशील कश्यप ने कहा कि इससे पहले भी नागाघेर में संदीप जायसवाल, संजय जायसवाल, दयानंद पाल, राजधारण और अशोक कुमार के खेत और रेशम फॉर्म में चंदन के पेड़ काटे जा चुके हैं। चंदन तस्करों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को तहरीर देकर चंदन तस्कर पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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रानीपोखरी में अब तक चंदन के काटे जा चुके हैं दर्जनों पेड़

रानीपोखरी में पिछले कई सालों से चंदन के पेड़ लगातार काटे जा रहे हैं। जिससे अब इस क्षेत्र में काफी कम पेड़ बचे हुए हैं। चंदन की लकड़ी से मूर्ति, साजो सामान, अगरबत्ती, इत्र, सुगंधित तेज, औषधि आदि में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जिस कारण इसकी देश दुनिया में भारी मांग है। जिसके लिए इसकी तस्करी भी की जाती है।



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ऑटोमेटिक आरी पर बैन लगाने की मांग

ग्राम प्रधान सुधीर रतूडी ने कहा कि ऑटोमेटिक आरी बाजार और ऑनलाइन खुलेआम बेची जा रही हैं। जिससे तस्कर आसानी से बिना शोर के कुछ ही मिनटों में पेड़ काट ले जाते हैं। वर्तमान में लगभग सभी वन और दूसरे तस्कर इन्ही आरियों से पेड़ों का कत्ल कर रहे हैं। इसलिए इन आरियों को बैन करने की जरूरत है।



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सिर्फ पंद्रह प्रजाति को छोड़ सभी पेड़ छूट में हैं

मार्च 2024 में जारी शासनादेश में प्रदेश में सिर्फ पंद्रह प्रजातियों के पेड़ों को ही संरक्षित सूची में रखा गया है। बाकी को छूट प्रजाति में डाल दिया गया है। जिससे हर रोज अंधाधुंध पेड़ों का कटान किया जा रहा है। जिस कारण नए शासनादेश से वन विभाग के हाथ बंधे हुए हैं।




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नए शासनादेश में सिर्फ ये हैं संरक्षित प्रजाति के पेड़

1 बांज, खरसू, फलियांट, मोरू, रियांज, ओक



2 पीपल बरगद, पिलखन, पाकड़, गूलर व बेडू

3 कैल



4 खैर

5 देवदार



6 बीजा साल

7 बुरांस



8 शीशम

9 सागौन



10 सदन

11 साल



12 चीड़

13 अखरोट



14 आम (देसी, कलमी, तुकमी, सभी किस्म के)

15 लीची



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रानीपोखरी में जो पेड़ काटे गए हैं वो चंदन से मिलती-जुलती प्रजाति चंदना के पेड़ हैं। जिनकी जड़ों के तने में सुगंध होती है। जिसे इत्र या खुशबू वाली चीजों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। चंदना प्रजाति के पेड़ अब छूट प्रजाति में शामिल हैं। फिर भी उनकी टीम छानबीन कर रही है। - एनएल डोभाल, थानों रेंजर
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