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नवजात शिशु की मौत पर हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:32 AM IST
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सरकारी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत पर परिजन भड़क गए। आरोप लगाया कि देर रात शिशु की तबियत बिगड़ने पर सूचना के बाद भी नर्स देखने नहीं आई। उपचार में कोताही बरतने पर तड़के शिशु की मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
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बीते शनिवार शाम लक्ष्मी उपाध्याय (23 ) पत्नी राजू उपाध्याय निवासी सर्वहारा नगर, कालेकी ढाल को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल के प्रसूति गृह में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि देर शाम प्रसूता ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। रविवार तड़के नवजात शिशु की मौत होने पर परिजन बिफर पड़े और स्वास्थ्य कर्मियों को खूब खरी खोटी सुनाई।
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आसपास के लोगों के हस्तक्षेप करने पर किसी तरह मामला शांत हुआ। प्रसूता की जेठानी पिंकी उपाध्याय ने बताया कि रात 12 बजे वार्ड में शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने लेबर रूम में तैनात नर्स को सूचित किया, लेकिन वह ढाई घंटे बाद भी नहीं आई।
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दोबारा जाकर बताया तो नर्स ने कहा कि कंधे पर लगाकर दूध पिलाओ शिशु ठीक हो जाएगा। लेकिन तड़के शिशु की हालत और बिगड़ गई। तब नर्स ने दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही। जब तक दूसरे अस्पताल ले जाते शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने नर्स और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
रात प्रसूति गृह में ड्यूटी थी। डिलीवरी के केस अधिक होने के कारण रात भर डिलीवरी में ही व्यस्त रही। वार्ड में शिशु के तबीयत बिगड़ने की सूचना उन्हें नहीं दी गई।-ऋचा थपलियाल, महिला चिकित्सक
मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को पीड़ित पक्ष और प्रसूति गृह में तैनात स्टाफ को वार्ता के लिए बुलाया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।-डॉ. अशोक कुमार गैरोला, मुख्य चिकित्साधीक्षक