फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   अवैध भंडारण पर एसडीएम का छापा

अवैध भंडारण पर एसडीएम का छापा

Fri, 11 Jan 2019 01:38 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:38 AM IST
विज्ञापन
अवैध भंडारण पर एसडीएम का छापा
ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर। क्षेत्र में खनन सामग्री के अवैध भंडारण की शिकायत पर बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी प्रेमलाल ने छापा मारकर हाइवे किनारे हुए भंडारण की जांच की। उन्होंने कहा कि इस मामले में रिपोर्ट भेजी जाएगी। न्याय पंचायत क्षेत्र श्यामपुर में हाइवे किनारे से लेकर गांव के अंतिम छोर तक अवैध खनन भंडारण किया जा रहा है। इससे सरकार को लाखों का राजस्व चूना लग रहा है। अवैध खनन कारोबारी रात्रि व तड़के सुबह जंगल, नदी, नालों, खालों से खनन सामग्री चोरी छिपे लाकर गांव के ही अंदर खाली जगह पर भंडारण कर लेते हैं। इसके बाद खनन सामग्री को ऊंचे दामों में बेचा जाता है।
विज्ञापन

लोगों ने इसकी सूचना एसडीएम से की थी। दूसरी ओर इस मामले में उपजिलाधिकारी प्रेमलाल खनन सामग्री का अवैध ढंग से भंडारण कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए रिपोर्ट भेजने का आश्वासन देकर चलते बने। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। अवैध भंडारण यदि कहीं होगा तो उसकी भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन


दो लोगों के पास है भंडारण की अनुमति
ऋषिकेश में करीब पांच लोगों को तथा न्याय पंचायत श्यामपुर में दो लोगों को ही भंडारण की स्वीकृति मिली हुई है। इसके बावजूद तमाम गांवों के अंदर तथा हाइवे किनारे भंडारण की कतारें कभी भी देखी जा सकती हैं। इस मामले में जब खनन निरीक्षक कुंदन सालार ने बताया कि श्यामपुर क्षेत्र में दो तथा ऋषिकेश में करीब पांच लोगों का भंडारण की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा कोई भंडारण दिखता है तो वह अवैध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खाली प्लाट बने अवैध खनिजों के डंपिंग जोन
अवैध खनन कारोबारी इतने शातिर हैं कि किसी भी गांव के खाली प्लाट में अवैध खनन जमा कर देते हैं। ये भूखंड अमूमन उन लोगों के होते हैं जो बाहर रहते हैं। जब पूछा जाता है तो खनन कारोबारी कहते हैं कि ये माल तो उक्त प्लाट वाले का है, वो मकान बना रहा हैं। इसलिए उपखनिज यहां जमा है।


ट्रैक्टर ट्रालियों का व्यावसायिक इस्तेमाल
खनन कोराबार के मुनाफे ने ट्रैक्टर स्वामियों को भी अवैध कारोबार का हिस्सा बना दिया है। कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर ट्रालियां व्यावसायिक इस्तेमाल में धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इस घपले में परिवहन विभाग की टैक्स चोरी भी हो रही है। मन मुताबिक बड़ी ट्रालियां बनवाकर उनमें खनिजों की ढुलाई हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed